गुजरात की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के युवा और प्रभावशाली नेताओं में शामिल हर्ष संघवी ने उपमुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल का एक साल पूरा करने के पड़ाव पर पहुंचकर एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं में जगह बनाई है। अक्टूबर 2025 में बिहार विधानसभा चुनावों के बीच गुजरात में हुए मंत्रिमंडल फेरबदल ने राजनीतिक हलकों को चौंका दिया था। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली सरकार में हर्ष संघवी को बड़ा प्रमोशन देते हुए उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके साथ ही गुजरात में करीब चार साल बाद उपमुख्यमंत्री पद की वापसी हुई थी।
हर्ष संघवी को गृह, खेलकूद, युवा मामले, उद्योग, पर्यटन और परिवहन सहित कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी दी गई थी। महज 40 वर्ष की उम्र में उपमुख्यमंत्री बनने वाले संघवी को भाजपा की नई पीढ़ी के प्रमुख नेताओं में गिना जाने लगा। उनके राजनीतिक सफर, प्रशासनिक निर्णयों और जनता के बीच सक्रियता ने उन्हें गुजरात की राजनीति में एक अलग पहचान दिलाई है। अब 2027 के गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले उनका कार्यकाल और प्रदर्शन राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
27 साल की उम्र में विधायक, 40 साल में डिप्टी सीएम तक का सफर
8 जनवरी 1985 को जन्मे हर्ष संघवी का राजनीतिक सफर काफी कम उम्र में शुरू हुआ था। सूरत के हीरा व्यवसाय से जुड़े परिवार से आने वाले संघवी ने भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा के माध्यम से सक्रिय राजनीति में कदम रखा। संगठन में काम करते हुए उन्होंने युवाओं के बीच अपनी पहचान बनाई और धीरे-धीरे पार्टी नेतृत्व का विश्वास हासिल किया।
वर्ष 2012 में महज 27 साल की उम्र में हर्ष संघवी ने सूरत की मजूरा विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव जीतकर गुजरात के सबसे युवा विधायकों में अपनी जगह बनाई। इसके बाद उन्होंने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी मजूरा सीट से जीत दर्ज की। लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीतने के बाद संघवी ने गुजरात भाजपा में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की।
वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार में उन्हें गृह राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली। उस समय उनकी उम्र लगभग 36 वर्ष थी। गृह विभाग जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय में काम करने के बाद अक्टूबर 2025 के मंत्रिमंडल फेरबदल में उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया। संगठन से सरकार तक उनका यह सफर गुजरात भाजपा में युवा नेतृत्व के उभार का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है।
गुजरात में चार साल बाद हुई उपमुख्यमंत्री पद की वापसी
गुजरात में वर्ष 2021 में विजय रूपाणी सरकार के कार्यकाल की समाप्ति और भूपेंद्र पटेल के मुख्यमंत्री बनने के बाद उपमुख्यमंत्री का पद खाली रहा था। इससे पहले नितिन पटेल राज्य के उपमुख्यमंत्री थे। अक्टूबर 2025 में भाजपा ने हर्ष संघवी को यह जिम्मेदारी सौंपकर एक बार फिर राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्था में उपमुख्यमंत्री पद को शामिल किया।
इस फैसले को केवल मंत्रिमंडल विस्तार के रूप में नहीं, बल्कि भाजपा की भविष्य की राजनीतिक रणनीति से जोड़कर भी देखा गया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए मजबूत संगठनात्मक तालमेल बनाने की दृष्टि से संघवी का प्रमोशन महत्वपूर्ण था।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के बाद सरकार में हर्ष संघवी के पास कई प्रभावशाली विभाग हैं। गृह, कानून एवं न्याय, खेलकूद, युवा मामले, परिवहन, पर्यटन, उद्योग, नागरिक उड्डयन तथा निषेध और आबकारी जैसे विभागों की जिम्मेदारी उन्हें राज्य के प्रमुख निर्णय लेने वाले नेताओं में शामिल करती है।
एक साल में राजनीतिक सक्रियता बढ़ी, स्थानीय निकाय चुनावों में निभाई अहम भूमिका
उपमुख्यमंत्री बनने के बाद हर्ष संघवी ने अपनी राजनीतिक सक्रियता बनाए रखी। गुजरात के विभिन्न जिलों में सरकारी कार्यक्रमों, संगठनात्मक बैठकों और जनसभाओं में उनकी मौजूदगी लगातार देखने को मिली। स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान भी उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और भाजपा के प्रदेश नेतृत्व के साथ मिलकर प्रचार अभियान में भाग लिया।
कई अवसरों पर उन्होंने एक ही दिन में अनेक सार्वजनिक कार्यक्रमों को संबोधित किया। भाजपा कार्यकर्ताओं और युवा समर्थकों के बीच उनकी सक्रियता को उनकी राजनीतिक ताकत माना जाता है। उनके समर्थक उन्हें एक ऊर्जावान और जनता के बीच सक्रिय रहने वाले नेता के रूप में देखते हैं।
गुजरात पुलिस में बड़ी भर्तियां, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
हर्ष संघवी के गृह विभाग से जुड़े कार्यकाल में पुलिस भर्ती की प्रक्रिया महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल रही है। गुजरात पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर और अन्य पुलिस पदों के लिए बड़ी संख्या में रिक्तियों की भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
वर्ष 2026 में पुलिस कांस्टेबल और सब-इंस्पेक्टर भर्ती से संबंधित प्रक्रिया के तहत लगभग 12,733 पदों और विभिन्न श्रेणियों को मिलाकर करीब 13,591 रिक्तियों का उल्लेख किया गया। इस भर्ती प्रक्रिया की लिखित परीक्षा जून 2026 में आयोजित होने और अगस्त 2026 में दस्तावेज सत्यापन से संबंधित सूची जारी होने की जानकारी सामने आई।
इसके अतिरिक्त, गुजरात पुलिस लोकरक्षक कैडर की भर्ती के अंतर्गत लगभग 3,000 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है। इनमें अनआर्म्ड कांस्टेबल, आर्म्ड कांस्टेबल और राज्य रिजर्व पुलिस बल से संबंधित पद शामिल बताए गए हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इस भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
पूर्व सैनिकों के लिए 342 पदों की भर्ती का भी उल्लेख किया गया है। इन भर्ती प्रक्रियाओं को राज्य में युवाओं के लिए सरकारी रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पूर्व अग्निवीरों के लिए 20% आरक्षण और लिखित परीक्षा में छूट का फैसला
हर्ष संघवी के कार्यकाल से जुड़ी प्रमुख घोषणाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी भर्ती में विशेष प्रावधान भी शामिल बताए गए हैं। गुजरात सरकार द्वारा पुलिस, जेल और वन विभाग के निर्धारित वर्ग-3 पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किए जाने की जानकारी दी गई है।
इस व्यवस्था में सशस्त्र पुलिस सब-इंस्पेक्टर, सशस्त्र पुलिस कांस्टेबल, एसआरपी प्लाटून कमांडर, पुलिस कांस्टेबल, जेलर ग्रुप-2, जेल गार्ड और वन विभाग के संबंधित पदों को शामिल किए जाने का उल्लेख है।
इसके अलावा पात्र पूर्व अग्निवीरों को कुछ निर्धारित सीधी भर्तियों में लिखित परीक्षा से छूट देने का निर्णय भी बताया गया है। इस प्रकार की व्यवस्था का उद्देश्य सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के अनुभव और अनुशासन का लाभ राज्य की सुरक्षा तथा अन्य सरकारी सेवाओं में लेना है।
पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाया, लेकिन प्रशासनिक सुधार अभी चुनौती
गृह विभाग संभालते हुए हर्ष संघवी ने पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने और उनकी कार्यक्षमता को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया है। पुलिस अधिकारियों तथा कर्मचारियों के साथ संवाद, सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनके कार्यों की सराहना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े निर्णय उनके कार्यकाल के महत्वपूर्ण पहलू रहे हैं।
हालांकि, पुलिस विभाग में व्यापक प्रशासनिक सुधारों को लेकर कुछ सवाल अब भी बने हुए हैं। विशेष रूप से पुलिस अधिकारियों की नियुक्तियों और तबादलों में पारदर्शिता तथा प्रदर्शन आधारित पोस्टिंग को लेकर अपेक्षाएं जताई गई थीं।
इंस्पेक्टर, डीवाईएसपी, डीसीपी और आईजी स्तर की नियुक्तियों को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा रही है। कुछ वरिष्ठ पदों के खाली रहने या अतिरिक्त प्रभार के आधार पर काम चलने की स्थिति को भी सुधार की आवश्यकता वाले क्षेत्र के रूप में देखा गया है।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, राज्य के पुलिस महानिदेशक जी.एस. मलिक हैं, जबकि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. के.एल.एन. राव सीआईडी क्राइम से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पुलिस प्रशासन में स्थायी नियुक्तियों, जवाबदेही और कार्यक्षमता बढ़ाने की चुनौती गृह विभाग के सामने बनी हुई है।
नशे के खिलाफ अभियान, युवाओं को ड्रग्स से दूर रखने पर जोर
हर्ष संघवी ने गुजरात में नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई को अपने सार्वजनिक अभियानों का प्रमुख हिस्सा बनाया है। युवाओं को नशे से दूर रखने, ड्रग्स तस्करी पर अंकुश लगाने और पुलिस की कार्रवाई को प्रभावी बनाने से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है।
भरूच में नशीले पदार्थों को नष्ट करने के एक कार्यक्रम में हर्ष संघवी की मौजूदगी और उनकी प्रत्यक्ष भागीदारी की भी चर्चा हुई थी। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश देने का प्रयास किया।
गुजरात की लंबी समुद्री सीमा और औद्योगिक गतिविधियों को देखते हुए नशीले पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण विषय है। इस दिशा में पुलिस, एंटी नारकोटिक्स एजेंसियों और अन्य सुरक्षा संस्थाओं के बीच समन्वय को मजबूत करना एक बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी है।
खेलकूद के क्षेत्र में गुजरात को आगे बढ़ाने पर विशेष फोकस
हर्ष संघवी के कार्यकाल में खेलकूद और युवा मामलों के विभाग पर भी विशेष ध्यान दिया गया। राज्य में खेल आयोजनों को बढ़ावा देने, खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और खेल संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में गतिविधियां आगे बढ़ने की बात सामने आई है।
अहमदाबाद को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलने से संबंधित घटनाक्रम ने भी गुजरात में खेल सुविधाओं के विकास को नई चर्चा दी है। बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की तैयारियों में स्टेडियम, प्रशिक्षण केंद्र, परिवहन, आवास और अन्य सुविधाओं का विकास महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हर्ष संघवी ने अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों से जुड़े कार्यक्रमों में भी गुजरात सरकार का प्रतिनिधित्व किया है। ग्लास्गो में भारतीय प्रतिनिधिमंडल से जुड़ी उनकी भूमिका का उल्लेख किया गया है।
खेल विभाग के सामने अब प्रमुख चुनौती यह होगी कि बड़े आयोजनों की तैयारियों के साथ स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, खेल प्रतिभाओं की पहचान और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं का विकास भी सुनिश्चित किया जाए।
परिवहन विभाग में नई बसों और आधुनिक सुविधाओं पर जोर
परिवहन विभाग में हर्ष संघवी के कार्यकाल के दौरान गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम यानी GSRTC की सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। यात्रियों को अधिक आरामदायक और आधुनिक परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नई तथा लग्जरी बसों को बेड़े में शामिल करने की दिशा में कदम उठाए गए।
इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर बस स्टेशनों के निर्माण और सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कार्यों को भी आगे बढ़ाया गया। गुजरात जैसे औद्योगिक और व्यापारिक राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाना आम नागरिकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण है।
पर्यटन और उद्योग विभाग में उम्मीदें ज्यादा, चुनौतियां भी बरकरार
गुजरात सरकार द्वारा वर्ष 2026 को पर्यटन के लिए विशेष महत्व दिए जाने के बीच पर्यटन विभाग से अपेक्षाएं बढ़ी हैं। हर्ष संघवी के कार्यकाल में वडनगर और अंबाजी जैसे धार्मिक तथा ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात सामने आई है।
गुजरात में धार्मिक पर्यटन के अलावा समुद्री पर्यटन, साहसिक खेल, सांस्कृतिक पर्यटन और विरासत स्थलों के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। हालांकि, तटीय क्षेत्रों में एडवेंचर टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियों के अपेक्षित विस्तार को लेकर अभी और काम करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
उद्योग विभाग के संदर्भ में भी निवेश, औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर भविष्य में अधिक परिणाम देने की चुनौती बनी हुई है। इन विभागों के प्रदर्शन का आकलन वास्तविक निवेश, पर्यटन आय, रोजगार और परियोजनाओं की प्रगति के आधार पर करना महत्वपूर्ण होगा।
सूरत में बारिश के दौरान खुद मैदान में उतरे हर्ष संघवी
सूरत में भारी बारिश और जलभराव की स्थिति के दौरान हर्ष संघवी की सक्रियता भी चर्चा में रही। शहर में हालात बिगड़ने पर उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ राहत कार्यों तथा नागरिक सुविधाओं की समीक्षा की।
विशेष रूप से व्यापारिक क्षेत्रों में जलभराव के कारण दुकानदारों और व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। ऐसे समय में संघवी ने प्रभावित लोगों से बातचीत की और समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए।
स्थानीय स्तर पर उनकी मौजूदगी को प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा गया। हालांकि, जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान शहर की ड्रेनेज व्यवस्था, शहरी नियोजन और बुनियादी ढांचे में दीर्घकालिक सुधार पर निर्भर करता है।
युवाओं से जुड़ाव और बड़े आयोजनों में सक्रिय भूमिका
हर्ष संघवी की राजनीतिक पहचान का एक महत्वपूर्ण पहलू युवाओं के बीच उनकी सक्रियता है। भाजपा युवा मोर्चा से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले संघवी ने विभिन्न युवा कार्यक्रमों, खेल आयोजनों और सरकारी अभियानों में भागीदारी के माध्यम से इस जुड़ाव को बनाए रखने का प्रयास किया है।
वडोदरा में आयोजित ‘नमो 4 विकसित भारत’ कार्यक्रम के आयोजन और प्रबंधन में उनकी भूमिका की भी चर्चा हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति वाले इस कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी और आधुनिक प्रस्तुति शैली को प्रमुखता दी गई।
ऐसे आयोजनों के माध्यम से राज्य सरकार की योजनाओं और विकास संबंधी संदेशों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। राजनीतिक दृष्टि से भी युवा मतदाताओं के बीच सक्रिय उपस्थिति आगामी चुनावों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
2027 विधानसभा चुनाव में अहम होगी भूपेंद्र पटेल और हर्ष संघवी की जोड़ी
गुजरात में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित है। ऐसे में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की राजनीतिक तथा प्रशासनिक भूमिका आने वाले महीनों में और महत्वपूर्ण हो सकती है।
भूपेंद्र पटेल की प्रशासनिक छवि और हर्ष संघवी की युवा नेतृत्व वाली पहचान को भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संयोजन के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी के सामने सरकार की योजनाओं, विकास परियोजनाओं और संगठनात्मक मजबूती को मतदाताओं तक पहुंचाने की चुनौती होगी।
दूसरी ओर विपक्ष कानून व्यवस्था, प्रशासनिक नियुक्तियों, रोजगार, औद्योगिक विकास और स्थानीय समस्याओं जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास कर सकता है। ऐसे में उपमुख्यमंत्री के तौर पर हर्ष संघवी का प्रदर्शन आगामी चुनावी रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
गुजरात की राजनीति के उभरते चेहरे हर्ष संघवी के सामने अगली चुनौती
तीन बार के विधायक और कम उम्र में उपमुख्यमंत्री पद तक पहुंचने वाले हर्ष संघवी गुजरात भाजपा के प्रमुख युवा नेताओं में शामिल हैं। उनके राजनीतिक सफर में संगठनात्मक सक्रियता, चुनावी सफलता और सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां प्रमुख उपलब्धियां रही हैं।
पुलिस भर्ती, पूर्व अग्निवीरों के लिए विशेष प्रावधान, परिवहन सेवाओं का विस्तार, खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन और नशे के खिलाफ अभियान जैसे विषय उनके कार्यकाल से जुड़े प्रमुख पहलू हैं। वहीं पुलिस प्रशासन में सुधार, वरिष्ठ पदों पर नियुक्तियां, पर्यटन का व्यापक विकास और उद्योग क्षेत्र में ठोस परिणाम देने जैसी चुनौतियां भी बनी हुई हैं।
आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हर्ष संघवी के लिए सबसे बड़ी कसौटी यह होगी कि वे राजनीतिक लोकप्रियता के साथ प्रशासनिक प्रदर्शन को किस हद तक मजबूत कर पाते हैं। गुजरात की राजनीति में उनका बढ़ता कद और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ उनका तालमेल आने वाले समय में विशेष चर्चा का विषय बना रह सकता है।
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