उत्तराखंड की राजनीति और संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के नए राज्यपाल के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की है। देहरादून स्थित लोकभवन में आयोजित गरिमामय समारोह में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने उन्हें शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्य सरकार के कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) का स्थान लिया है। गुरमीत सिंह पांच वर्षों से अधिक समय तक उत्तराखंड के राज्यपाल रहे। डॉ. बिसेन की नियुक्ति के साथ प्रदेश में राज्यपाल के पद पर एक नए कार्यकाल की शुरुआत हुई है।
LIVE: लोकभवन, देहरादून में मनोनीत माननीय राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन जी के शपथ ग्रहण समारोह में सहभागिता
https://t.co/vk9ea5Jsks
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) October 19, 2026
लोकभवन में आयोजित हुआ भव्य शपथ ग्रहण समारोह
उत्तराखंड के नए राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन का शपथ ग्रहण समारोह देहरादून स्थित लोकभवन में आयोजित किया गया। समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान के साथ हुई।
शपथ ग्रहण से पहले राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की ओर से जारी राज्यपाल की नियुक्ति का अधिपत्र पढ़कर सुनाया। इसके बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने डॉ. बिसेन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ राज्य प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस आयोजन के साथ डॉ. बिसेन ने उत्तराखंड के राज्यपाल पद की संवैधानिक जिम्मेदारियां संभाल लीं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 अक्टूबर को की थी नियुक्ति
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड सहित छह राज्यों के राज्यपालों की नियुक्ति से संबंधित घोषणा की थी। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के वरिष्ठ राजनीतिक नेता और पूर्व सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड के राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इस नियुक्ति के बाद उत्तराखंड में नए राज्यपाल के शपथ ग्रहण की तैयारियां शुरू हुईं। डॉ. बिसेन रविवार शाम देहरादून पहुंचे, जहां राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से उनका स्वागत किया गया।
देवभूमि उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण करने पर डॉ. ढाल सिंह बिसेन जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में आपकी नियुक्ति देवभूमि के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। पूर्ण विश्वास है कि एक मार्गदर्शक के रूप में आपके लंबे राजनीतिक… pic.twitter.com/nSsEHPH5ET
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) October 19, 2026
देहरादून एयरपोर्ट पर दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर
उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ लेने से पहले डॉ. ढाल सिंह बिसेन रविवार शाम देहरादून के जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। यहां उत्तराखंड पुलिस की ओर से उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
एयरपोर्ट पर राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ और जिलाधिकारी आशीष चौहान सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
कौन हैं उत्तराखंड के नए राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन?
डॉ. ढाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश की राजनीति का एक अनुभवी चेहरा हैं। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में विधायक, सांसद और राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
उनका जन्म 14 मई 1952 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया गांव में हुआ था। पेशे से चिकित्सक और कृषक रहे डॉ. बिसेन लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं। राजनीतिक अनुभव के साथ प्रशासनिक कार्यों की समझ उनकी प्रमुख विशेषताओं में गिनी जाती है। मध्य प्रदेश सरकार में विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी भूमिका निभाई।
चार बार विधायक रहे डॉ. ढाल सिंह बिसेन
डॉ. ढाल सिंह बिसेन का विधानसभा में लंबा राजनीतिक अनुभव रहा है। वे वर्ष 1990 से 2008 के बीच चार बार मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य चुने गए।
विधायक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने क्षेत्रीय विकास, प्रशासनिक मुद्दों और जनहित से जुड़े विषयों पर काम किया। मध्य प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहते हुए उन्होंने संगठन और सरकार, दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। उनके राजनीतिक सफर की खास बात यह रही कि उन्हें राज्य सरकार में कई बड़े विभागों की जिम्मेदारी भी मिली।
वन, परिवहन, खनिज और शिक्षा विभागों में रह चुके हैं कैबिनेट मंत्री
मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री रहते हुए डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने वन, परिवहन, खनिज, स्कूल शिक्षा और जेल जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारियां संभाली हैं। इन विभागों का सीधा संबंध राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, परिवहन सुविधाओं, शिक्षा प्रणाली और कानून व्यवस्था से है।
विभिन्न विभागों में मंत्री पद पर काम करने के कारण उन्हें शासन और प्रशासन का व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ। यही अनुभव राज्यपाल के रूप में संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन में उपयोगी हो सकता है।
2019 में लोकसभा सांसद बने डॉ. ढाल सिंह बिसेन
राज्य की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने राष्ट्रीय राजनीति में भी कदम रखा। मई 2019 में वे 17वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। लोकसभा सदस्य के रूप में उन्होंने संसदीय कार्यवाही में भाग लिया और अपने निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों का प्रतिनिधित्व किया।
चार बार विधायक, राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री और लोकसभा सांसद रहने के बाद अब उन्हें उत्तराखंड के राज्यपाल की संवैधानिक जिम्मेदारी मिली है।
गुरमीत सिंह की जगह संभाली उत्तराखंड के राज्यपाल की जिम्मेदारी
डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) का स्थान लिया है। गुरमीत सिंह पांच वर्षों से अधिक समय तक उत्तराखंड के राज्यपाल रहे। अपने कार्यकाल के दौरान गुरमीत सिंह ने राज्य के संवैधानिक प्रमुख के रूप में विभिन्न प्रशासनिक, शैक्षणिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लिया। अब डॉ. बिसेन के राज्यपाल बनने के साथ उत्तराखंड में राजभवन के नए कार्यकाल की शुरुआत हुई है।
उत्तराखंड के विकास और संवैधानिक जिम्मेदारियों पर रहेगा ध्यान
उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में डॉ. ढाल सिंह बिसेन की भूमिका मुख्य रूप से संविधान के तहत निर्धारित दायित्वों के निर्वहन की होगी। राज्यपाल राज्य के संवैधानिक प्रमुख होते हैं। वे विधानसभा से संबंधित संवैधानिक प्रक्रियाओं, विधेयकों पर निर्णय और विश्वविद्यालयों से जुड़े उन दायित्वों का निर्वहन करते हैं जो संविधान तथा संबंधित कानूनों के तहत उनके अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
मध्य प्रदेश में लंबे राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव के कारण डॉ. बिसेन से अपेक्षा की जा रही है कि वे उत्तराखंड में अपने संवैधानिक दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करेंगे।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel