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ज्ञानवापी सर्वेक्षण: कोर्ट के फैसले से पहले हिंदू पक्ष के वकील का बयान, बोले- ‘बिना नुकसान पहुंचाए हो सकता है सर्वे’

ज्ञानवापी सर्वेक्षण: कोर्ट के फैसले से पहले हिंदू पक्ष के वकील का बयान, बोले- ‘बिना नुकसान पहुंचाए हो सकता है सर्वे’

उत्तर प्रदेश के वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद मामले को लेकर हिंदू पक्ष का नेतृत्व कर रहे वकील विष्णु शंकर जैन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सर्वेक्षण को लेकर कहा है कि यह सर्वेक्षण ढांचे को बगैर नुकसान पहुंचाए भी किया जा सकता है। इस संबंध में 3 अगस्त को आदेश आएगा और हम उसका इंतजार कर रहे हैं। इससे पूर्व इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार के दिन ज्ञानवापी सर्वेक्षण मामले में सुनवाई करने के बाद अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया था। अदालत इस बाबत 3 अगस्त को फैसला सुनाने वाली है। मुख्य न्यायधीश प्रीतिंकर दिवाकर की अदालत ने इस मामले पर कहा कि तीन अगस्त तक एएसआई सर्वेक्षण पर लगी रोक बरकरार रहेगी।

विश्व हिंदू परिषद नहीं करेगा आंदोलन

बता दें कि ज्ञानवापी के सर्वेक्षण के दौरान ही मस्जिद प्रबंधन कमेट अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद द्वारा कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसपर कोर्ट सुनवाई कर रही है। इस मामले पर शुक्रवार के दिन विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि इस मामले पर वीएचपी द्वारा कोई आंदोलन नहीं किया जाएगा। क्योंकि उन्हें ऐसा विश्वास है कि न्यायपालिका का फैसला सकारात्मक ही आएगा। विहिप ने बयान जारी करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर सूचना प्रसारित करते हुए ऐसा दावा किया जा रहा है कि श्री राम जन्मभूमि के तर्ज पर पूरे देश में विहिप द्वारा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मॉडल के साथ पूरे देश में जनजागरुकता अभियान चलाया जाएगा।

विहिप के पदाधिकारियों का मत

विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोग कुमार ने इस मुद्दे पर कहा है कि मामला न्यापालिका समक्ष सुनवाई के लिए लंबित है। संगठन और न्यायपालिका पर हमें पूरा विश्वास है। कुमार ने कहा कि हमारा मामला न्यायसंगत है और सही है। हमें पूर्ण विश्वास है कि अदालत के लिए निर्णय में हमें इस संबंध में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद ने इस मुद्दे पर कोई जनजागरुकता अभियान या आंदोलन नहीं चलाने का फैसला किया है।

 

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