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BRICS Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस रवाना, चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग से कर सकते हैं मुलाकात

BRICS Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस रवाना, चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग से कर सकते हैं मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी BRICS समिट के लिये दो दिवसीय (22-23 अक्टूबर) दौरे पर रूस के कजान शहर रवाना हो चुके हैं. BRICS सम्मेलन के साथ ही पूरी दुनिया की नजर इस बात पर भी टिकी हुई है कि रूस में पीएम मोदी की किन देशों के प्रमुख के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी.

रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने कहा है कि पीएम मोदी कजान में BRICS सदस्य देशों के समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे. आज तक के साथ विशेष बातचीत में विनय कुमार ने कहा,’इस सम्मेलन में आर्थिक सहयोग, जलवायु परिवर्तन और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने पर जोर होगा.’

ये है 22 अक्टूबर का प्लान

पीएम मोदी सुबह 7:00 (IST) बजे कज़ान, (रूस) के लिए रवाना हो चुके हैं. एक अनुमान के मुताबिक वह सुबह 10:25 (MSK) कज़ान हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे. कज़ान का स्थानीय समय (MSK) दिल्ली से 2 घंटे 30 मिनट पीछे है. इस आधार पर प्लानिंग में बदलाव भी हो सकते हैं. पीएम मोदी जब होटल पहुंचेंगे तो वहां पर उनका जोरदार स्वागत किया जाएगा, फिर दोपहर बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक होगी. शाम 4 बजे से शाम 6ः30 के बजे के बीच (MSK) द्विपक्षीय बैठकों के दोनों सत्र होंगे. इसके बाद कज़ान सिटी हॉल पहुंचने पर ब्रिक्स नेताओं के लिए स्वागत समारोह आयोजित होना है.

क्या चीन के साथ होगी द्विपक्षीय वार्ता?

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ संभावित बैठकों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन द्विपक्षीय बैठकों के एजेंडे पर भी काम चल रहा है. उन्होंने कहा,’पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठकों पर विचार किया जा रहा है.’ रूस में भारतीय राजदूत विनय कुमार ने कहा,’इसके लिये अभी इंतजार करना होगा कि कौन सी बैठकें अंत में तय होती हैं. यह बैठक रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 20 महीनों से चल रहे युद्ध के साथ-साथ मिडिल ईस्ट में बिगड़ते संघर्ष के बीच हो रही है.’

इस समझौते के बाद बढ़ी वार्ता की उम्मीद

बता दें कि एक दिन पहले ही भारत और चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) पर अपने सैनिकों को पीछे हटाने और फिर से पेट्रोलिंग शुरू करने के लिए एक नए समझौते पर पहुंच गये हैं. कथित तौर पर यह समझौता देपसांग और डेमचोक इलाकों में पेट्रोलिंग से संबंधित है. इस जानकारी के सामने आने के बाद ही पीएम मोदी और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय वार्ता की उम्मीद और बढ़ गई है.

जंग के बीच समाधान को लेकर होगी बात!

बातचीत के दौरान कुमार ने कहा,’शांति और संघर्ष समाधान के लिए भारत एक मजबूत वकील की भूमिका में है. इस मुद्दे पर चर्चा और बातचीत हुई है. भारत का हमेशा से यह मानना ​​रहा है कि संबंधित पक्षों को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से संघर्ष का समाधान खोजने की जरूरत है. अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन आश्चर्य नहीं होगा अगर इस मुद्दे पर भी चर्चा की जाए.’

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