दिल्ली में जस्टिस यशवंत वर्मा के घर नोट जलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में तुगलक रोड थाने के SHO उमेश मलिक समेत 8 पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं।
जांच के अहम बिंदु:
- मोबाइल फोन जब्त करने की वजह:
- पुलिस यह पता लगाना चाहती है कि घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कोई वीडियो रिकॉर्ड किया था या नहीं।
- यदि वीडियो बनाई गई थी, तो क्या उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ हुई है?
- कॉल डिटेल्स और डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है।
- जस्टिस वर्मा की स्थिति:
- उन्होंने चार वरिष्ठ वकीलों से परामर्श लिया है।
- सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय कमेटी कैश कांड की जांच कर रही है।
- उन्हें कमेटी के सामने अपना पक्ष रखना होगा।
- स्टोर रूम सील किया गया:
- दिल्ली पुलिस ने उस स्टोर रूम को सील कर दिया है, जहां से अधजले नोटों की चार से पांच बोरियां बरामद हुई थीं।
- पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए फोरेंसिक विश्लेषण कर रही है।
- FIR की मांग पर सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया:
- एडवोकेट मैथ्यूज़ ने जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज कराने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की।
- मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस संजीव खन्ना ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया और याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से संपर्क करने का निर्देश दिया।
इस केस का संभावित असर:
- क्या यह मामला किसी बड़े वित्तीय घोटाले से जुड़ा है?
- सुप्रीम कोर्ट की जांच कमेटी का फैसला क्या होगा?
- क्या जस्टिस वर्मा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी या वह निर्दोष साबित होंगे?