आगामी 2 मई से शुरू हो रही केदारनाथ यात्रा की तैयारियों को लेकर प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) पूरी तरह सक्रिय है। भारी बर्फबारी के कारण गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर विशाल हिमखंड जमा हो गए हैं, जिन्हें हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
बर्फ हटाने में जुटे मजदूर, सुरक्षित मार्ग बनाने की कोशिश
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फरवरी और मार्च में हुई भारी बर्फबारी से केदारनाथ धाम और पैदल मार्ग पर तीन फीट से अधिक बर्फ जमा हो गई थी।
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14 मार्च से 70 से अधिक मजदूर बर्फ हटाने में लगे हैं।
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अब तक ढाई किलोमीटर मार्ग साफ किया जा चुका है।
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रामबाड़ा से लिनचोली के बीच हिमखंडों को काटकर रास्ता बनाया जा रहा है।
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20 फीट ऊंचे थारू हिमखंड को काटकर ढाई फीट चौड़ा रास्ता बनाया गया है।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क
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बर्फ काटने के कारण मार्ग पर गहरी और संकरी घाटी बन रही है, जिससे श्रद्धालुओं के लिए जोखिम बना हुआ है।
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बर्फ खिसकने का खतरा भी बना हुआ है, इसलिए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रास्ते की चौड़ाई बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
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लोनिवि के अधिशासी अभियंता विनय झिंक्वाण ने बताया कि खराब मौसम के बावजूद बर्फ हटाने का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं में उत्साह, यात्रा के लिए विशेष इंतजाम
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प्रशासन और लोनिवि की ओर से यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
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हिमखंड जोन में रास्ते को जल्द से जल्द साफ करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से बाबा के दर्शन कर सकें।
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केदारनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
इस बार मुहूर्त की दृष्टि से चारधाम यात्रा की अवधि दस दिन पहले शुरू हो रही है जिसके लिए धामी सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है। धामी सरकार अगले कुछ दिनों में चारधाम यात्रा प्राधिकरण की भी घोषणा कर सकती है।
पुलिस प्रशासन ने तीर्थयात्रा के दौरान ट्रैफिक दबाव को दूर करने के लिए हर दस किमी पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की नियुक्ति की योजना बनाई है।