मार्च 2024 में जीएसटी संग्रह में 9.9% की वृद्धि के साथ 1.96 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचना सरकार के लिए निश्चित रूप से एक सकारात्मक संकेत है। यह वृद्धि आर्थिक गतिविधियों में मजबूती और कर अनुपालन में सुधार को दर्शाती है। कुछ प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
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लगातार ऊँचा जीएसटी कलेक्शन – मार्च लगातार 13वां महीना रहा जब जीएसटी संग्रह 1.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो देश की अर्थव्यवस्था की स्थिरता और वृद्धि को दर्शाता है।
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तिमाही प्रदर्शन – जनवरी-मार्च तिमाही में कुल जीएसटी संग्रह 5.8 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 10.4% अधिक है। इससे पता चलता है कि उपभोक्ता मांग और व्यवसायिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं।
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शुद्ध जीएसटी संग्रह में वृद्धि – रिफंड घटाने के बाद भी शुद्ध जीएसटी संग्रह में 7.6% की वृद्धि देखी गई है, जो कि सरकार के राजस्व में वास्तविक बढ़ोतरी का संकेत है।
आर्थिक प्रभाव:
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सरकार के लिए अधिक वित्तीय संसाधन – यह वृद्धि केंद्र और राज्य सरकारों को अधिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं में निवेश करने का अवसर देगी।
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आर्थिक सुधार का संकेत – उच्च जीएसटी संग्रह से यह संकेत मिलता है कि अर्थव्यवस्था बेहतर प्रदर्शन कर रही है और व्यापारिक गतिविधियां बढ़ रही हैं।
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महंगाई और नीतिगत फैसले – जीएसटी संग्रह में वृद्धि से यह स्पष्ट है कि उपभोक्ता खर्च बना हुआ है, जिससे महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सरकार और आरबीआई को संतुलित नीतियां अपनानी पड़ सकती हैं।
आगे की संभावनाएं:
यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो आगामी वित्त वर्ष में सरकार के राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने और विकास परियोजनाओं को गति देने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, जीएसटी कलेक्शन का यह ट्रेंड कर प्रशासन की प्रभावशीलता और डिजिटलीकरण के सकारात्मक प्रभाव को भी दर्शाता है।