भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को एक बार फिर भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ पॉलिसी के चलते वैश्विक बाजारों में फैली अनिश्चितता को माना जा रहा है। निवेशकों ने बाजार खुलते ही बड़े पैमाने पर बिकवाली शुरू कर दी, जिससे प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट देखने को मिली।
सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 805.58 अंकों की गिरावट के साथ 75,811.86 अंकों पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स भी 182.05 अंकों की गिरावट के साथ 23,150.30 अंकों पर खुला।
इससे पहले, 1 अप्रैल को भी भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई थी।
- मंगलवार (2 अप्रैल) को सेंसेक्स 1390.41 अंक टूटकर 76,024.51 अंकों पर बंद हुआ था।
- निफ्टी भी 353.65 अंकों की गिरावट के साथ 23,165.70 अंकों पर बंद हुआ था।
आईटी सेक्टर में जबरदस्त गिरावट
आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखी गई।
- एचसीएल टेक के शेयर 2.32% की गिरावट के साथ खुले, जो सेंसेक्स की सबसे बड़ी गिरावट थी।
- इंफोसिस के शेयर 2.20%,
- टेक महिंद्रा के शेयर 2.05%,
- टीसीएस के शेयर 1.98% की गिरावट के साथ खुले।
टेक कंपनियों में यह गिरावट अमेरिकी बाजार में कमजोरी और वैश्विक व्यापार तनाव के कारण आई।
सेंसेक्स की 30 में से 27 कंपनियों में गिरावट
सेंसेक्स की 30 में से सिर्फ 3 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ खुले, जबकि बाकी 27 कंपनियों में गिरावट दर्ज की गई।
सबसे ज्यादा तेजी वाली कंपनियां:
- सनफार्मा – 4.37% की बढ़त
- पावरग्रिड – 1.24% की बढ़त
- एनटीपीसी – 0.98% की बढ़त
सबसे ज्यादा गिरावट वाली कंपनियां:
- एचसीएल टेक – 2.32%
- इंफोसिस – 2.20%
- टेक महिंद्रा – 2.05%
- टीसीएस – 1.98%
- जोमैटो – 1.18%
- अडाणी पोर्ट्स – 1.11%
- रिलायंस इंडस्ट्रीज – 0.97%
- टाटा मोटर्स – 0.85%
- हिंदुस्तान यूनिलीवर – 0.75%
- भारतीय स्टेट बैंक (SBI) – 0.75%
- अल्ट्राटेक सीमेंट – 0.75%
- इंडसइंड बैंक – 0.74%
- बजाज फिनसर्व – 0.73%
- महिंद्रा एंड महिंद्रा – 0.71%
- एचडीएफसी बैंक – 0.65%
- लार्सन एंड टुब्रो (L&T) – 0.63%
- टाइटन – 0.61%
- मारुति सुजुकी – 0.51%
बाजार में गिरावट के मुख्य कारण
- डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ पॉलिसी – अमेरिका द्वारा नए टैरिफ लागू करने की घोषणा से वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है, जिससे भारतीय बाजार भी प्रभावित हुआ।
- वैश्विक बाजार में कमजोरी – अमेरिका और यूरोपीय बाजारों में गिरावट के चलते भारतीय बाजार में भी नेगेटिव सेंटीमेंट देखा गया।
- आईटी सेक्टर पर दबाव – अमेरिकी नीति बदलावों का सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ा, जिससे इस सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट आई।
- निवेशकों की मुनाफावसूली – हाल ही में बाजार में आई मजबूती के बाद कई निवेशकों ने मुनाफा बुक किया, जिससे बिकवाली का दबाव बना।
भारतीय शेयर बाजार पर फिलहाल वैश्विक घटनाक्रमों का असर साफ दिख रहा है। ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी और अमेरिकी बाजार की कमजोरी ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। आईटी सेक्टर में गिरावट चिंता का विषय है, लेकिन कुछ डिफेंसिव सेक्टर (जैसे फार्मा और पावर) में मजबूती दिख रही है। आगे बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और निवेशकों की धारणा पर निर्भर करेगी।