उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संसद में वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक के पारित होने पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे पारदर्शिता, न्याय और नागरिक अधिकारों की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सुशासन और न्यायिक सुधारों को लेकर निरंतर सक्रिय है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह विधेयक किसी विशेष समुदाय के विरोध में नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए लाया गया है।
मुख्य उद्देश्य:
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वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
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कानूनी स्पष्टता और न्यायिक संतुलन को बढ़ावा देना।
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झूठे और अवैध दावों पर रोक लगाना।
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संपत्ति से जुड़े विवादों का उचित समाधान प्रदान करना।
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वक्फ संपत्तियों का सामाजिक कल्याण में उपयोग सुनिश्चित करना।
सीएम धामी का बयान:
“यह विधेयक न्याय और पारदर्शिता के मूल्यों को मजबूत करता है। यह किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के अधिकारों को सुरक्षित करने वाला कदम है।”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का समर्थन
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने भी विधेयक के पारित होने को ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि इससे वक्फ संपत्तियों पर वास्तविक हकदारों को न्याय मिलेगा और इसका लाभ विशेषकर मुस्लिम समाज के गरीब तबके को मिलेगा।
“प्रधानमंत्री मोदी जी सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के सिद्धांत पर चल रहे हैं। यह विधेयक उसी सोच की अभिव्यक्ति है।” — महेंद्र भट्ट
विधेयक के पारित होने के साथ ही यह सुनिश्चित किया गया है कि वक्फ संपत्तियों का कोई दुरुपयोग न हो और उनका उपयोग शैक्षिक, सामाजिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों में हो सके। इससे न केवल भूमि विवाद सुलझेंगे बल्कि स्थानीय प्रशासन और न्यायपालिका पर भी बोझ कम होगा।