रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कर्नाटक के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण करवार नौसैनिक अड्डे से भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस सुनयना को ‘आईओएस सागर’ (Indian Ocean Ship – Security And Growth for All in the Region) मिशन पर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में सुरक्षा, समावेशिता और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूती देना है।
‘आईओएस सागर’: समुद्री पड़ोसियों से जुड़ाव की पहल
रक्षा मंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच X पर साझा किया:
“आईओएस सागर हिंद महासागर क्षेत्र के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह समुद्री पड़ोसियों के साथ भारत के मजबूत रिश्तों और क्षेत्र में अधिक सुरक्षित, समावेशी समुद्री वातावरण की हमारी प्रतिबद्धता को दोहराता है।”
इस मिशन के तहत रवाना हुए आईएनएस सुनयना पर 44 नौसैनिक कर्मी तैनात हैं। जहाज विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम, सहयोग अभ्यास और सहायता मिशन में हिस्सा लेगा।
Visited Karwar Naval Base in Karnataka and flagged-off INS Sunayna as Indian Ocean Ship SAGAR from Karwar with 44 personnel of nine friendly nations of Indian Ocean Region.
⁰IOS SAGAR is a reflection of India’s commitment to peace, prosperity & collective security in maritime… pic.twitter.com/9ehVyuhzzi
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) April 5, 2025
राजनाथ सिंह ने अपने दौरे के दौरान करवार नौसैनिक अड्डे में नवविकसित बुनियादी ढांचे का उद्घाटन भी किया। यह कार्य ‘प्रोजेक्ट सीबर्ड’ का हिस्सा है, जिसके तहत भारत की पश्चिमी समुद्री सीमा पर नौसेना की क्षमता और तैनाती लचीलापन बढ़ाया जा रहा है।
‘सीबर्ड’ परियोजना के तहत करवार को विश्व-स्तरीय नौसैनिक अड्डे में बदला जा रहा है, जो भविष्य में भारत की नीली जलनीति (Blue Water Navy) का केंद्र बनेगा।
“भविष्य के युद्धों के लिए सशस्त्र बल तैयार रहें” – रक्षा मंत्री का संदेश
इससे पूर्व, रक्षा मंत्री ने सैन्य कमांडरों के अर्धवार्षिक सम्मेलन में कहा कि:
“सशस्त्र बलों को भू-रणनीतिक परिवर्तनों के अनुरूप गतिशील और लचीली रणनीति अपनानी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर सैद्धांतिक बदलाव भी किए जाएं ताकि सेना को भविष्य के खतरों से निपटने में सक्षम बनाया जा सके।”
उन्होंने यह भी कहा कि:
-
भारत सरकार सेना के आधुनिकीकरण और सुधारों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
-
हाइब्रिड युद्ध, असमान युद्ध, और अपरंपरागत रणनीतियाँ भविष्य के संघर्षों का अभिन्न हिस्सा होंगी।
-
दुनिया “एक-दूसरे से जुड़ी हुई” है और किसी भी क्षेत्र में हुई घटना का प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किया जाएगा।
भारत की समुद्री रणनीति को नई दिशा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की यह यात्रा और आईओएस सागर मिशन की शुरुआत यह स्पष्ट संकेत देती है कि भारत अब न केवल स्थल आधारित रक्षा रणनीतियों बल्कि समुद्री विस्तार और कूटनीतिक भागीदारी पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।
‘सबका साथ, सबका विकास’ की तर्ज पर भारत ने अब ‘क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास’ को भी अपना आदर्श बना लिया है।