खराब दाल पर कैंटीन मैनेजर को पीटने को बताया सही
मुंबई के आकाशवाणी एमएलए हॉस्टल में खराब दाल मिलने पर शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक संजय गायकवाड़ ने कैंटीन संचालक की पिटाई कर दी, और अब इस घटना पर दिए गए उनके बयानों ने राजनीति को और गर्मा दिया है। गायकवाड़ ने न केवल अपने किए पर पछतावा जाहिर नहीं किया, बल्कि कहा कि “खराब खाना दिया तो फिर पीटूंगा”। उन्होंने दावा किया, “मैं जूडो, कराटे, कुश्ती और जिम्नास्टिक में चैंपियन हूं। मैं गांधीवादी नहीं हूं।”
विधायक ने कहा कि उन्होंने सिर्फ इसलिए ऐसा किया क्योंकि बार-बार शिकायतों के बावजूद कैंटीन में खाने की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि मटर, चिकन और अंडे 15-15 दिन पुराने होते हैं और सब्जियों की स्थिति भी खराब रहती है। खुद को किसान बताते हुए गायकवाड़ ने कहा कि वह सब्जी देखकर बता सकते हैं कि वह कितनी पुरानी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कैंटीन में रोजाना 10,000 लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
घटना के दिन गायकवाड़ ने दाल-चावल का ऑर्डर दिया था। दाल खाने के बाद उन्हें उल्टी आ गई और वह गुस्से में बनियान-तौलिये में ही कैंटीन पहुंच गए, जहां उन्होंने पहले कर्मचारियों से दाल सूंघवाई और फिर कैंटीन मैनेजर को थप्पड़ और घूंसे मारे।
हालांकि गायकवाड़ अपने इस व्यवहार को सही ठहरा रहे हैं, लेकिन कई कैंटीन कर्मचारियों और आम लोगों ने इस हिंसक प्रतिक्रिया की आलोचना की है। उनका कहना है कि खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें वाजिब हो सकती हैं, लेकिन विधायक के तौर पर इस तरह हिंसा करना अनुचित और असंवैधानिक है। गायकवाड़ ने कहा कि वह इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाएंगे।