डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा NASA के बजट में की गई 25% कटौती का बड़ा असर अब सामने आ रहा है। 11 जुलाई 2025 को सामने आई जानकारी के अनुसार, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA करीब 2,000 वैज्ञानिकों और कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। यह छंटनी खासतौर पर वरिष्ठ पदों (GS-13 से GS-15 ग्रेड) पर कार्यरत वैज्ञानिकों और टेक्निकल एक्सपर्ट्स को प्रभावित करेगी।
बजट में यह कटौती 2026 के वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित की गई है, और इसका सीधा असर NASA की अनुसंधान परियोजनाओं, स्पेस मिशनों और मौजूदा टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट प्रोग्राम्स पर पड़ सकता है। एजेंसी द्वारा प्रभावित कर्मचारियों को अर्ली रिटायरमेंट, बायआउट या डिलेइड रिजाइनेशन जैसे विकल्प दिए गए हैं।
इस फैसले को लेकर वैज्ञानिक समुदाय में गहरी नाराजगी है क्योंकि इससे अंतरिक्ष विज्ञान, सैटेलाइट डेवेलपमेंट और क्लाइमेट रिसर्च जैसे अहम क्षेत्रों में रुकावट आने की आशंका है।
🚨 BREAKING: At President Trump's direction, 2,145 senior-ranking employees at NASA are set to leave under a push to REDUCE the Federal Workforce.
The agency will soon offer early retirement, buyouts and deferred resignations. pic.twitter.com/XmtjHZ2mer
— The Patriot Oasis™ (@ThePatriotOasis) July 9, 2025
गौरतलब है कि ट्रंप पहले स्पेसएक्स समर्थक जारेड आइजैकमैन को NASA का अगला प्रमुख नियुक्त करना चाहते थे, लेकिन एलन मस्क के साथ बढ़ते मतभेदों के चलते यह नाम भी वापस ले लिया गया। इससे यह भी संकेत मिलते हैं कि ट्रंप प्रशासन अब सरकारी एजेंसियों की तुलना में निजी अंतरिक्ष कंपनियों को ज्यादा प्राथमिकता दे रहा है।
NASA की इस छंटनी का असर अमेरिका की वैज्ञानिक प्रतिष्ठा, अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा और वैश्विक सहयोग पर भी पड़ सकता है, खासकर ऐसे समय में जब चीन और भारत जैसे देश अंतरिक्ष क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।