हैदराबाद के कुकटपल्ली इलाके में 10 साल की मासूम सहस्रा की निर्मम हत्या ने पूरे शहर को दहला दिया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्या का पर्दाफाश करते हुए एक 10वीं कक्षा के छात्र को हिरासत में लिया है, जिसने वारदात को अंजाम देने के लिए बाकायदा कागज पर पूरा प्लान तैयार किया था। यह नाबालिग लड़का 18 अगस्त को सहस्रा के घर चोरी की नीयत से दाखिल हुआ था। उसके प्लान में साफ लिखा था कि अगर चोरी करते हुए कोई देख ले तो “प्लान B” के तहत उसकी हत्या करनी होगी। यही हुआ—घर में अचानक बाथरूम से बाहर आई मासूम सहस्रा ने उसे चोरी करते देख लिया और धमकाया कि वह सब कुछ अपने पिता को बता देगी। यह सुनते ही आरोपी ने सहस्रा का गला दबाकर मारने की कोशिश की और फिर चाकू से उसके गले और पेट पर लगातार 18 वार किए, जब तक उसे यह यकीन नहीं हो गया कि बच्ची की मौत हो गई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने चोरी और हत्या को अंजाम देने के लिए सीसीटीवी कैमरों से बचने की विशेष योजना बनाई थी। वह एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग में कूदकर और ऊपर से नीचे उतरकर घर के अंदर दाखिल हुआ ताकि कैमरे उसकी हरकत रिकॉर्ड न कर सकें। आरोपी पहले भी इस घर में आ चुका था, इसलिए उसे मालूम था कि पूजा करने की जगह पर नकदी रखी जाती है। चोरी के दौरान उसने 80 हजार रुपये भी उठा लिए। हत्या के बाद आरोपी बिना किसी डर के अपने घर लौट आया और खून से सने कपड़े व चाकू घर में छिपा दिए। पुलिस ने तलाशी के दौरान उसकी मां के सामने से ये सब बरामद कर लिया।
घटना वाले दिन सहस्रा के माता-पिता घर पर नहीं थे। पिता मैकेनिक का काम करते हैं और मां एक नर्सिंग होम में नौकरी करती हैं। सहस्रा की उस दिन स्कूल की छुट्टी थी, जबकि उसका छोटा भाई स्कूल गया हुआ था। उसने माता-पिता को बताया था कि भाई को लंच बॉक्स स्कूल में देकर आएगी, लेकिन स्कूल से फोन आने पर पता चला कि लंच बॉक्स नहीं पहुंचा। इसके बाद जब पिता लगभग 12:30 बजे घर लौटे तो उन्होंने बेटी की लाश बिस्तर पर पड़ी देखी और पूरा परिवार शोक में डूब गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लड़का अपने माता-पिता के बिगड़े पारिवारिक माहौल में पल रहा था। उसकी मां एक छोटी सी किराने की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करती है, जबकि उसका पिता शराब का आदी है और परिवार की देखभाल नहीं करता। लड़का स्कूल तो जाता था, लेकिन धीरे-धीरे गलत संगत और आदतों की वजह से भटक गया था। वह अक्सर सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर क्राइम कंटेंट देखता था। चोरी और हत्या का आइडिया भी उसने वहीं से लिया। पैसों की जरूरत पूरी न होने पर उसने चोरी को सही रास्ता समझा और हत्या तक पहुंच गया।
यह मामला न सिर्फ हैदराबाद बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि किस तरह ओटीटी और सोशल मीडिया पर उपलब्ध अपराध संबंधी कंटेंट किशोरों की सोच और व्यवहार को प्रभावित कर रहा है। पुलिस अब इस घटना के बाद किशोर अपराधियों की प्रवृत्ति और उनके ऊपर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के असर की गहराई से जांच करने की बात कह रही है।
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