केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि 1951 से 2011 तक हिंदू और मुस्लिम आबादी की वृद्धि दर में असमानता का मुख्य कारण अवैध घुसपैठ है। उन्होंने कुछ राजनीतिक दलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को आश्रय दिया है। अमित शाह ने चेतावनी दी कि यदि इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो “देश धर्मशाला बन जाएगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा की नीति ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ — यानी घुसपैठियों की पहचान करना, उन्हें मतदाता सूची से हटाना और देश से बाहर भेजना — पर आधारित रहेगी।
गृह मंत्री ने अपने बयान में शरणार्थियों और घुसपैठियों के बीच स्पष्ट अंतर बताया। उन्होंने कहा कि धार्मिक उत्पीड़न से बचने वाले लोग शरणार्थी हैं, जिनका भारत हमेशा स्वागत करेगा, विशेषकर पड़ोसी देशों से आने वाले प्रताड़ित हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध समुदायों का। इसके विपरीत, जो लोग आर्थिक कारणों से अवैध रूप से भारत में प्रवेश करते हैं, वे घुसपैठिये हैं, जिन पर सरकार सख्ती से कार्रवाई करेगी। शाह ने कहा कि घुसपैठ रोकना न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा बल्कि देश की सांस्कृतिक एकता के लिए भी जरूरी है।
भारत में आजादी के बाद हुई जनगणनाओं में…
1951 में हिंदू 84.1%, मुस्लिम 9.8%
1971 में हिंदू 82.72%, मुस्लिम 11%
1991 में हिंदू 81%, मुस्लिम 12.12%
2001 में हिंदू 80.5%, मुस्लिम 13.4%
2011 में हिंदू 79%, मुस्लिम 14.2%
और वहीं वृद्धि दर की बात करें तो:
2001-2011 में हिंदू जनसंख्या…
— Office of Amit Shah (@AmitShahOffice) October 10, 2025
अमित शाह ने जनसंख्या वृद्धि दर में असमानता से जुड़े आँकड़े भी प्रस्तुत किए। उनके अनुसार, 1951 में हिंदू आबादी 84.1% थी, जो 2011 में घटकर 79% रह गई, जबकि मुस्लिम आबादी का प्रतिशत 9.8% से बढ़कर 14.2% हो गया। 2001-2011 के बीच हिंदू जनसंख्या वृद्धि दर 16.8% रही, जबकि मुस्लिम जनसंख्या वृद्धि दर 24.6% दर्ज की गई। शाह ने कहा कि यह असमानता सामान्य जनसंख्या वृद्धि से नहीं, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ के कारण हुई है।
The main reason for the disparity seen in the population growth rates among all religions in the census from 1951 to 2011 is ‘infiltration’. – Shri @AmitShah ji pic.twitter.com/VerpuMMZ6z
— Office of Amit Shah (@AmitShahOffice) October 10, 2025
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि गुजरात और राजस्थान जैसी सीमाओं पर घुसपैठ न होना इस बात का प्रमाण है कि जहां राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलता, वहां अवैध प्रवेश संभव नहीं होता। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि झारखंड में जनजातीय आबादी में गिरावट का कारण भी बांग्लादेश से बढ़ती घुसपैठ है। इस संदर्भ में उन्होंने एक हाई-पावर्ड डेमोग्राफिक मिशन के गठन का जिक्र किया, जो अवैध प्रवासन के प्रभावों का अध्ययन करेगा।
अमित शाह ने दोहराया कि भाजपा देश की संस्कृति, सीमाओं और लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, और किसी भी विवाद की परवाह किए बिना राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखेगी। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि भारत में रह रहे मुस्लिम नागरिकों के अधिकारों पर कोई प्रश्न नहीं उठाया जाएगा, और मतदाता सूची शुद्धिकरण (SIR) प्रक्रिया का उद्देश्य केवल अवैध प्रवासियों को चिन्हित करना है, न कि किसी धर्म या समुदाय को निशाना बनाना।