जम्मू में गुरुवार (20 नवंबर 2025) को अंग्रेज़ी दैनिक ‘कश्मीर टाइम्स’ के दफ़्तर पर राज्य जाँच एजेंसी (SIA) की महत्वपूर्ण और लंबी छापेमारी के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। SIA की टीम ने रेज़िडेंसी रोड स्थित कार्यालय से AK-47 के 14 जिंदा कारतूस, कई पिस्टल राउंड और तीन ग्रेनेड लीवर बरामद किए हैं। सुरक्षाबलों के मुताबिक यह बरामदगी बेहद गंभीर है, क्योंकि किसी मीडिया दफ्तर से इस तरह का सैन्य-स्तर का सामग्री मिलना असामान्य और संदेह बढ़ाने वाला है। फिलहाल छापेमारी जारी है और टीम दस्तावेज़, हार्ड डिस्क, कंप्यूटर और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन तकनीकी जांच कर रही है।
SIA की यह कार्रवाई उस FIR से जुड़ी है जिसमें ‘कश्मीर टाइम्स’ पर देश की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ भड़काऊ और हानिकारक लेख छापने के आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी को संदेह है कि संस्थान से जुड़े कुछ लोगों की गतिविधियों में संदिग्ध विदेशी कनेक्शन हो सकते हैं। इसी संदर्भ में डिजिटल डाटा और संपादकीय रिकॉर्ड की गहन तलाशी ली जा रही है।
इस बीच ‘कश्मीर टाइम्स’ ने इस छापेमारी को राजनीतिक दबाव बताते हुए कहा है कि यह कार्रवाई उन्हें चुप कराने और डराने की कोशिश है। संस्था का दावा है कि वे “स्वतंत्र और आलोचनात्मक पत्रकारिता” करते हैं और सत्ता से सवाल पूछने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि आरोप बेबुनियाद हैं और यह उनके खिलाफ बदनाम करने का अभियान है।
राजनीतिक स्तर पर भी इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया सामने आई है। जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर सिंह चौधरी ने कहा कि क़ानूनी कार्रवाई “तभी होनी चाहिए जब कोई स्पष्ट गलती या अपराध साबित हो।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि छापेमारी सिर्फ दबाव बनाने या आवाज़ दबाने के उद्देश्य से की गई है तो यह लोकतांत्रिक तरीके के खिलाफ है। हालाँकि उन्होंने साथ ही कहा कि यदि कोई अवैध गतिविधि में लिप्त पाया जाता है तो कार्रवाई आवश्यक है।
बरामद हुए कारतूस और ग्रेनेड लीवर ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है, और संभावना है कि SIA आने वाले दिनों में इस संबंध में विस्तृत प्रेस ब्रीफिंग कर सकती है तथा और गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं।
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