असम में घुसपैठियों के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई देखने को मिली है। राज्य की बीजेपी सरकार द्वारा अप्रवासी (असम के निष्कासन) अधिनियम, 1950 को लागू किए जाने के बाद पहली बार इस कानून का वास्तविक रूप से उपयोग किया गया है। सोनितपुर जिला प्रशासन ने इस कानून के तहत पाँच घुसपैठियों को 24 घंटे के भीतर भारत छोड़कर बांग्लादेश लौट जाने का आदेश जारी किया। इन पाँच व्यक्तियों को पिछले वर्ष ‘विदेशी’ घोषित किया गया था।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मंगलवार (18 नवंबर 2025) को पुलिस प्रशासन ने इन्हें निर्देश दिया कि वे धुबरी, श्रीभूमि, दक्षिण सलमारा और मनकाचर मार्गों से देश से बाहर निकल जाएँ। आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि समय सीमा का पालन न करने पर सरकार उन्हें असम से निष्कासित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगी।
आदेश जारी होने के बाद गुरुवार (20 नवंबर 2025) को पुलिस टीम उस गाँव पहुँची जहाँ ये पाँचों रहते थे, लेकिन वहाँ उनका कोई पता नहीं चला। पुलिस का कहना है कि सभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। पकड़े जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि असम सरकार ने घुसपैठियों को वापस भेजने की प्रक्रिया तेज करने के लिए अप्रवासी (असम के निष्कासन) अधिनियम, 1950 को फिर से लागू किया है। इस कानून की विशेषता यह है कि इसके तहत किसी घुसपैठिये को देश से निकालने के लिए अदालत जाने की आवश्यकता नहीं होती। सुप्रीम कोर्ट भी इस कानून को संवैधानिक और वैध करार दे चुका है, जिससे राज्य सरकार को इस दिशा में अधिक सशक्त कार्रवाई करने का अधिकार मिलता है।
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