फ्रांस में हाल ही में एक अनोखी स्थिति देखने को मिली, जहां बिजली की कीमतें कुछ समय के लिए शून्य (Zero) पर आ गईं। यह स्थिति बिजली की कम डिमांड और ज्यादा प्रोडक्शन के कारण बनी। असल में, यूरोप में इस बार सर्दी का मौसम सामान्य से ज्यादा गर्म है, जिस कारण हीटिंग उपकरणों जैसे हीटर और ब्लोअर्स का उपयोग कम हो रहा है। इससे बिजली की मांग में भारी गिरावट आई।
दूसरी ओर, तेज़ हवाओं के कारण विंड एनर्जी का उत्पादन कई गुना बढ़ गया, और फ्रांस के न्यूक्लियर प्लांट भी लगभग 85% क्षमता पर चल रहे थे। यानी उत्पादन बहुत ज्यादा हो गया, जबकि खपत कम थी। इसी वजह से 8 दिसंबर को फ्रांस के डे-अहेड मार्केट में बिजली की कीमतें शून्य हो गईं— मतलब कई घंटों तक बिजली बिल्कुल मुफ्त थी।
Electricity prices in France temporarily dropped to zero — consumers got power for free
On December 8, electricity prices on France’s day-ahead market fell to zero, meaning that for several hours power was effectively free. Bloomberg reported the development.
The reason was a… pic.twitter.com/janKtHnLw5
— NEXTA (@nexta_tv) December 9, 2025
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट बताती है कि यूरोप में ऐसी स्थिति तेज़ी से सामान्य होती जा रही है, जहाँ कम डिमांड और रिन्यूएबल एनर्जी के ज्यादा उत्पादन की वजह से बिजली की कीमतें Zero या कभी-कभी Negative तक चली जाती हैं। Negative का मतलब यह होता है कि कुछ हालातों में बिजली उत्पादकों को ग्रिड में बिजली भेजने के लिए पैसे भी देने पड़ते हैं।
रॉयटर्स के अनुसार, बिजली की कीमतें अब 2018 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर हैं। 2022 के ऊर्जा संकट के समय कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई थी, जिसके चलते कई उद्योग बंद हुए या उनकी ऊर्जा खपत बहुत कम हो गई थी। लेकिन इस साल की गर्म सर्दी, रिन्यूएबल ऊर्जा उत्पादन और स्थिर न्यूक्लियर सप्लाई ने फ्रांस में बिजली का इतना बड़ा सरप्लस तैयार किया कि लोगों को कुछ समय के लिए मुफ्त बिजली मिलने लगी।
यह पूरी स्थिति दिखाती है कि मौसम, तकनीक और ऊर्जा उत्पादन के मिश्रण से कैसे बिजली बाजार में अप्रत्याशित बदलाव आ सकते हैं।
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