उत्तराखंड के कोटद्वार में हिंदू संगठनों के सामने खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताने वाले जिम ओनर दीपक के खिलाफ हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार करते हुए गैग ऑर्डर (Gag Order) जारी किया है। अब दीपक इस मामले को लेकर किसी भी मीडिया इंटरव्यू, सार्वजनिक बयान या सोशल मीडिया पोस्ट नहीं कर पाएंगे।
गैग ऑर्डर क्या है?
गैग ऑर्डर एक कानूनी आदेश है, जो संवेदनशील मामलों में आरोपी या पक्षकार को उनके मामले को लेकर सार्वजनिक रूप से बोलने से रोकता है। इसका उद्देश्य मीडिया और सोशल मीडिया पर सनसनीखेज या भ्रामक खबरों के फैलाव को रोकना और न्याय प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाना है।
मोहम्मद दीपक वाला मामला
कुछ हफ्ते पहले कोटद्वार में हिंदू संगठनों के कुछ लोग मुस्लिम दुकानदार को धमका रहे थे कि उनकी दुकान का नाम ‘बाबा’ नहीं हो सकता। इस दौरान दीपक वहां पहुंचे और मुस्लिम बुजुर्ग के समर्थन में खड़े हो गए। जब उनसे नाम पूछा गया तो उन्होंने जानबूझकर अपना नाम ‘मोहम्मद दीपक’ बताया। यह घटना पूरे उत्तराखंड और देश में सुर्खियों में आ गई और राजनीतिक हस्तियों समेत कई लोगों ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी।
उत्तराखंड हाईकोर्ट का गैग ऑर्डर अब दीपक और उनके वकील को इस मामले के बाहर किसी भी तरह का बयान देने से रोकता है। आदेश का उल्लंघन अदालत की अवमानना माना जाएगा।
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