आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 31 बड़े वादों के साथ अपना घोषणापत्र जारी किया है। इसमें अवैध घुसपैठ, समान नागरिक संहिता (UCC), इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई अहम मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है।
घुसपैठ और UCC पर सख्त रुख
घोषणापत्र जारी करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य में हर बांग्लादेशी घुसपैठिए को बाहर किया जाएगा और भूमि से जुड़े मामलों में सख्त नीति अपनाई जाएगी।
उन्होंने यह भी ऐलान किया कि राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी, साथ ही ‘लव जिहाद’ और ‘लैंड जिहाद’ के खिलाफ कड़े कानून बनाए जाएंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर बड़ा फोकस
भाजपा ने असम में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए करीब 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया है। इसके तहत:
- वायु, रेल और सड़क कनेक्टिविटी का विस्तार
- पहले 2 वर्षों में बाढ़ मुक्त असम के लिए 18,000 करोड़ रुपये का प्रावधान
- हर जिले में एक यूनिवर्सिटी, मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज
रोजगार और शिक्षा के वादे
घोषणापत्र में 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को हर जिले तक पहुंचाने की योजना भी शामिल है।
महिलाओं और गरीबों के लिए बड़ी घोषणाएं
भाजपा ने महिलाओं और गरीब वर्ग के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं का ऐलान किया है:
- 40 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य
- ‘ओरुनुदोई योजना’ के तहत महिलाओं को लगभग 3,000 रुपये की सहायता
- गरीब परिवारों को जरूरी वस्तुएं मुफ्त देने का वादा
चाय बागान मजदूरों के लिए खास पैकेज
चाय बागान श्रमिकों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं:
- सभी मजदूरों को भूमि पट्टा देने का वादा
- मजदूरी बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन करने का लक्ष्य
- केंद्र की योजनाओं के तहत आवास सुविधा
विपक्ष ने उठाए सवाल
जहां भाजपा इन वादों को असम के विकास और सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष ने इन घोषणाओं की व्यवहारिकता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
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