उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट बैठक में मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है, जिससे लाखों शिक्षाकर्मियों को राहत मिलेगी।
नई व्यवस्था के तहत शिक्षामित्रों का मानदेय ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000 कर दिया गया है, जबकि अनुदेशकों को अब ₹17,000 प्रतिमाह दिया जाएगा। इससे पहले अनुदेशकों को केवल ₹9,000 मानदेय मिलता था।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बढ़ा हुआ मानदेय 1 मई से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। यह फैसला विधानसभा सत्र 2026 के दौरान की गई घोषणा का क्रियान्वयन माना जा रहा है।
लाखों शिक्षाकर्मियों को मिलेगा फायदा
इस फैसले से प्रदेश के लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्र और 25 हजार अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं, जिनमें से 1,29,332 का भुगतान अब तक समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 अनुपात में किया जाता रहा है।
सरकार पर बढ़ेगा वित्तीय भार
मानदेय में इस बढ़ोतरी के बाद राज्य सरकार पर कुल ₹1475.27 करोड़ का अतिरिक्त बोझ आएगा। इसमें से केवल शिक्षामित्रों के लिए ही ₹1138.12 करोड़ का अतिरिक्त खर्च शामिल है, जिसे अब राज्य सरकार खुद वहन करेगी।
मंत्री ने दी जानकारी
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने कैबिनेट फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि यह कदम शिक्षाकर्मियों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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