देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय कैबिनेट ने महिला आरक्षण बिल से जुड़े महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दे दी है, जिसे अब 2029 के लोकसभा चुनावों से लागू करने की तैयारी की जा रही है। इस प्रस्ताव के तहत लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 तक की जा सकती है, जिसमें लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले को भारत के लोकतांत्रिक विकास में एक “मील का पत्थर” बताया है।
PM मोदी का भावनात्मक संदेश: महिलाओं के सपनों का प्रतिबिंब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक लेख में महिला आरक्षण को केवल एक कानूनी प्रक्रिया मानने से इनकार किया है। उन्होंने इसे देश की करोड़ों महिलाओं के सपनों और आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताया।
PM ने कहा कि 16 अप्रैल 2026 को होने वाली संसद की विशेष बैठक इस ऐतिहासिक बदलाव की गवाह बनेगी, जहां इस दिशा में आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
भारत एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, क्योंकि विधायी निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण वास्तविकता के करीब पहुंच रहा है।
यह कदम समावेशी निर्णय लेने की प्रक्रिया के माध्यम से लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है।
प्रधानमंत्री श्री @narendramodi द्वारा #NariShaktiVandan… pic.twitter.com/j9CgvneXP0
— BJP (@BJP4India) April 9, 2026
समाज की प्रगति में नारीशक्ति की भूमिका
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि किसी भी समाज की प्रगति तब तक संभव नहीं है जब तक महिलाओं को बराबरी के अवसर नहीं मिलते। उन्होंने पिछले 11 वर्षों में सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदमों—जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय समावेशन—का उल्लेख किया।
आज महिलाएं खेल, सेना, विज्ञान और प्रशासन जैसे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, जो इस बदलाव की नींव को और मजबूत बनाता है।
बेहतर गवर्नेंस की ओर बड़ा कदम
PM मोदी के अनुसार, महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से शासन की गुणवत्ता (Quality of Governance) में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं का दृष्टिकोण प्रशासन को अधिक संवेदनशील, संतुलित और जवाबदेह बनाता है।
यह पहल केवल सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रयास नहीं है, बल्कि लोकतंत्र को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सभी सांसदों से समर्थन की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों के सांसदों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक पहल का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देशहित में इस फैसले को लागू करना जरूरी है ताकि महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उनका उचित स्थान मिल सके।
2029 में क्या बदलेगा?
नई योजना के अनुसार:
- लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर 816 हो सकती हैं
- 33% आरक्षण के तहत करीब 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी
- संसद में महिलाओं की भागीदारी दोगुनी से भी अधिक हो सकती है
यह बदलाव भारतीय संसदीय इतिहास में सबसे बड़े सुधारों में से एक माना जा रहा है।
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