मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिन के अस्थायी सीजफायर पर सहमति बन गई है। यह संघर्षविराम अमेरिका की मध्यस्थता में हुई बातचीत के बाद लागू हुआ, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अहम भूमिका निभाई।
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन से बातचीत की, जिसे उन्होंने सकारात्मक और “बेहतरीन” बताया। इसी बातचीत के बाद दोनों देशों ने अस्थायी रूप से लड़ाई रोकने पर सहमति जताई।

ट्रंप ने हिज्बुल्लाह को चेतावनी देते हुए कहा कि उसे इस समय संयम दिखाना चाहिए और हिंसा रोकनी चाहिए। उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि हिज्बुल्लाह इस महत्वपूर्ण समय में अच्छा व्यवहार करेगा, अब और हत्याएँ नहीं होनी चाहिए और शांति स्थापित होनी चाहिए।”
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले एक-दो हफ्तों में बातचीत और तेज होगी और एक स्थायी समझौते की संभावना बन सकती है। उन्होंने कहा कि लेबनान और इजरायल संभवतः भविष्य में व्हाइट हाउस में मुलाकात कर सकते हैं।
हालांकि सीजफायर के बावजूद स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि उनकी सेना दक्षिणी लेबनान में 10 किलोमीटर के सुरक्षा क्षेत्र में बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि यह कदम सुरक्षा कारणों से जरूरी है ताकि घुसपैठ और टैंक-रोधी मिसाइल हमलों को रोका जा सके।
नेतन्याहू ने दोहराया कि इजरायल का मुख्य उद्देश्य हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करना है और सेना फिलहाल किसी भी स्थिति में पीछे नहीं हटेगी।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel