प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुवाहाटी में एडवांटेज असम 2.0 निवेश और बुनियादी ढांचा शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर असम की आर्थिक प्रगति, बुनियादी ढांचे के विकास और निवेश की संभावनाओं को उजागर किया।
असम की अर्थव्यवस्था में तेज वृद्धि
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा शासन के दौरान असम की अर्थव्यवस्था छह लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो डबल इंजन सरकार की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने 2013 की अपनी चुनावी यात्रा को याद करते हुए कहा कि उनके मन में विचार आया था कि “A फॉर Assam” होना चाहिए और आज वह समय आ गया है। असम अब मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में तेजी से उभर रहा है, खासकर रिफाइनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी क्षेत्रों में।
#WATCH | At Advantage Assam 2.0 Investment and Infrastructure Summit in Guwahati, Prime Minister Narendra Modi says "Today the land of Eastern India and North East is going to start a new future. Advantage Assam is a great campaign to connect the whole world with the potential… pic.twitter.com/B7ZQkb3WCq
— ANI (@ANI) February 25, 2025
नॉर्थ ईस्ट का सामर्थ्य और विकास
प्रधानमंत्री ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट भारत की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा,
“एडवांटेज असम, असम के सामर्थ्य और प्रगति से पूरी दुनिया को जोड़ने का अभियान है। इतिहास गवाह है कि पूर्वी भारत देश की समृद्धि में बहुत बड़ी भूमिका निभाता था।”
#WATCH | At Advantage Assam 2.0 Investment and Infrastructure Summit in Guwahati, Prime Minister Narendra Modi says "Assam is emerging as a gateway between South East Asia and India. To further expand this potential, the government has launched the North East Transformative… pic.twitter.com/q6Quz4LGxO
— ANI (@ANI) February 25, 2025
वैश्विक विश्वास और निवेश के नए अवसर
मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था बन चुका है। चिप मैन्युफैक्चरिंग, लोकल सप्लाई चेन और मुक्त व्यापार समझौतों के जरिए भारत वैश्विक व्यापार में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अब मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे का भी हिस्सा है, जिससे पूर्वोत्तर भारत को सीधा लाभ मिलेगा।
#WATCH | At Advantage Assam 2.0 Investment and Infrastructure Summit in Guwahati, Prime Minister Narendra Modi says "Even amidst this global uncertainty, many experts of the world have certainty about one thing and that is about India's rapid growth. There is a very solid reason… pic.twitter.com/lTYxnf8rLs
— ANI (@ANI) February 25, 2025
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर जोर
प्रधानमंत्री ने असम में बुनियादी ढांचे के विकास को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले ब्रह्मपुत्र नदी पर सिर्फ तीन पुल थे, लेकिन पिछले 10 वर्षों में चार नए पुल बनाए गए हैं। रेलवे बजट भी चार गुना बढ़ाकर 10,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
#WATCH | At Advantage Assam 2.0 Investment and Infrastructure Summit in Guwahati, Prime Minister Narendra Modi says "In the last few years, the BJP government has done a lot of work on the infrastructure related to air connectivity. Before 2014, there were only 3 bridges on the… pic.twitter.com/3Tn2tUgOeE
— ANI (@ANI) February 25, 2025
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का विजन
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम 2030 तक 143 अरब डॉलर (करीब 12 लाख करोड़ रुपये) की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य अब “सबसे अशांत से सबसे शांत” राज्य बन चुका है और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध है।
#WATCH | At Advantage Assam 2.0 Investment and Infrastructure Summit in Guwahati, Prime Minister Narendra Modi says, "In the last decade, many peace accords have been signed and long pending border-related issues have been resolved. Every region of Azam, every citizen, every… pic.twitter.com/6KTX4GpzaT
— ANI (@ANI) February 25, 2025
उद्योग जगत और विदेशी निवेश पर जोर
केंद्रीय मंत्री पवित्र कुमार मार्गेरिटा ने कहा कि इस सम्मेलन में देश-विदेश से 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। आतिथ्य, स्वास्थ्य सेवा और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेशकों ने रुचि दिखाई है।
एडवांटेज असम 2.0 सम्मेलन से स्पष्ट है कि असम और पूर्वोत्तर भारत विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में असम “मेक इन इंडिया” और “स्टार्टअप इंडिया” अभियानों का केंद्र बन रहा है। यह न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था बल्कि पूरे भारत के विकास को गति देगा।