नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य की कमान अपने वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी को सौंपने का फैसला किया है। मंगलवार को पटना में हुई बीजेपी विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया।
अब सम्राट चौधरी बुधवार (15 अप्रैल 2026) को बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
कैसे हुआ चयन?
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने समर्थन दिया। इसके बाद उनके नाम पर आधिकारिक मुहर लग गई।
“पद नहीं, सेवा का अवसर” – सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री पद के लिए चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने इसे जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि यह उनके लिए सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि जनता की सेवा का अवसर है। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताया।
भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा मुझ पर विश्वास जताते हुए #भाजपा_बिहार_विधानमंडल_दल के #नेता का दायित्व सौंपने पर हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि बिहार की जनता की सेवा, उनके विश्वास और सपनों को साकार करने का एक पवित्र अवसर है। मैं… pic.twitter.com/s4w1rlR2DU
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) April 14, 2026
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने लिखा:
“यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि बिहार की जनता की सेवा, उनके विश्वास और सपनों को साकार करने का एक पवित्र अवसर है। मैं पूर्ण निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ जन-जन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेता हूँ।”
राजनीतिक मायने
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद यह बदलाव बिहार की राजनीति में एक बड़े समीकरण परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। बीजेपी ने अब सीधे तौर पर नेतृत्व अपने हाथ में लेकर आगामी राजनीतिक रणनीति स्पष्ट कर दी है।
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