बिहार के दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के केवटगामा पंचायत में नवरात्र के पहले ही दिन हिंदुओं पर एक सुनियोजित हमला हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, जब दुर्गा मंदिर से कलश शोभायात्रा निकल रही थी और श्रद्धालु वापस लौट रहे थे, तभी अचानक मुस्लिम समुदाय के लोगों ने छतों से पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस घटना में कई श्रद्धालु घायल हो गए। महिलाओं और बच्चों में दहशत फैल गई और वे इधर-उधर भागने लगे।
दरभंगा – कलश शोभा यात्रा से लौट रहे लोगों पर पथराव, इलाके को पुलिस छावनी में किया तब्दील
केवटगामा पंचायत के पछियारी रही गांव में दुर्गा मंदिर में कलश स्थापना के बाद लौट रही श्रद्धालुओं की भीड़ पर समुदाय विशेष के लोगों ने पथराव कर दिया। #EidAlFitr #Navratri pic.twitter.com/WLv6ZBiT2z
— Rishabh Goel (@RishGoel) March 31, 2025
घटना का पूरा विवरण:
- तारीख और समय: रविवार, 30 मार्च 2025, शाम 4:30 बजे।
- स्थान: कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र, केवटगामा पंचायत, दरभंगा।
- हमलावर: रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर मुस्लिम समुदाय से थे, जो पहले से ही एक छत पर इकट्ठा होकर शोभायात्रा के गुजरने का इंतजार कर रहे थे।
- हमला कैसे हुआ? जैसे ही कलश यात्रा मोहम्मद अलाउद्दीन नाम के व्यक्ति के घर के पास पहुँची, उसी समय छत से श्रद्धालुओं पर पत्थर फेंके जाने लगे।
- श्रद्धालुओं में दहशत:
- अचानक हुए इस हमले से महिलाएँ और बच्चे चीखने-चिल्लाने लगे।
- कुछ महिलाएँ अपने बच्चों को बचाने के लिए सड़क पर ही लेट गईं ताकि उन पर पत्थर न गिरें।
- हमले में कई लोगों को चोटें आईं।
पुलिस की कार्रवाई और मौजूदा स्थिति:
- तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुँची – कुशेश्वरस्थान, तिलकेश्वर और बिरौल थाना।
- पुलिस बल की तैनाती के बावजूद गाँव में तनाव बरकरार है।
- गाँव के लोग डरे हुए हैं और अपने घरों से बाहर निकलने में झिझक रहे हैं।
- पंचायत के पूर्व मुखिया आलोक कुमार उर्फ विकास कुमार ने कहा कि इस तरह की घटनाएँ गाँव की एकता को तोड़ने का प्रयास हैं।
- कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पुलिस सतर्क है।
- एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने भी आश्वासन दिया कि हालात सामान्य हो रहे हैं, और किसी को डरने की जरूरत नहीं है।
- हालाँकि, गाँव वालों का कहना है कि यह शांति बस ऊपरी है, अंदर ही अंदर डर और गुस्सा अभी भी बना हुआ है।
पहले भी हुआ था हमला – होली पर भी हिंदुओं को बनाया गया था निशाना
- 2 सप्ताह पहले होली के दिन भी इसी गाँव में हिंदू समुदाय पर हमला हुआ था।
- होली खेल रहे युवकों और मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों के बीच विवाद हुआ था, जो बाद में हिंसक हो गया।
- हमलावरों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हिंदुओं पर हमला किया था।
- उस वक्त पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत कराया था और पीआर बॉन्ड भरवाकर हमलावरों को छोड़ दिया था।
- गाँव वालों को उम्मीद थी कि अब शांति बनी रहेगी, लेकिन नवरात्र के पहले ही दिन फिर से हमला हुआ, जिससे पुराने जख्म फिर से हरे हो गए।
दरभंगा जिला के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र अंतर्गत दो समुदायों के बीच हुए आपसी झड़प के संबंध में।#HainTaiyaarHum#Bihar#BiharPolice pic.twitter.com/v6x0Ka6ayw
— Darbhanga Police (@DarbhangaPolice) March 30, 2025
घटना पर प्रतिक्रिया और प्रशासन की भूमिका:
- यह घटना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा लगती है, क्योंकि हमलावर पहले से छतों पर जमा थे और शोभायात्रा के वहाँ से गुजरने का इंतजार कर रहे थे।
- अगर होली के समय प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की होती, तो यह घटना दोबारा नहीं होती।
- गाँव में दो बार हिंदू समुदाय को निशाना बनाए जाने से इलाके में सामुदायिक तनाव बढ़ गया है।
- स्थानीय प्रशासन को इस हमले के पीछे के मास्टरमाइंड को पकड़ना चाहिए और दोषियों को सख्त सजा देनी चाहिए ताकि आगे ऐसी घटनाएँ न हों।
- बिहार सरकार को इस घटना का संज्ञान लेकर पीड़ित समुदाय को सुरक्षा का आश्वासन देना चाहिए।
क्या होना चाहिए?
✅ दोषियों पर सख्त कार्रवाई – हमला सुनियोजित था, इसलिए साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
✅ इलाके में निगरानी बढ़ाई जाए – संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त तेज होनी चाहिए ताकि आगे ऐसी घटनाएँ न हों।
✅ स्थायी समाधान निकाला जाए – इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन और धार्मिक नेताओं को बैठक कर समाधान निकालना चाहिए।
✅ राजनीतिक नेतृत्व को आगे आकर कड़ी कार्रवाई की मांग करनी चाहिए – ताकि हिंदू समुदाय को सुरक्षा का भरोसा मिल सके।
दरभंगा की यह घटना सिर्फ एक धार्मिक आयोजन पर हमला नहीं, बल्कि हिंदू समुदाय को डराने की साजिश भी हो सकती है। इससे पहले भी इस गाँव में होली के दौरान ऐसा हमला हो चुका है। अगर प्रशासन पहले ही सख्ती दिखाता, तो यह हमला दोबारा नहीं होता। बिहार सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन को अब और लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएँ न दोहराई जाएँ।