मुंगेर में पुलिस पर हमला: 28 नामजद, 24 गिरफ्तार, तीन पुलिसकर्मी घायल
बिहार के मुंगेर जिले में एक बार फिर पुलिस टीम पर हमला होने की घटना सामने आई है। डायल-112 की टीम पर ग्रामीणों ने पथराव और हमला किया, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि 28 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें से 24 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
घटना का पूरा विवरण
📌 बंधकों को छुड़ाने के दौरान हमला
- पुलिस को सूचना मिली कि फसियाबाद गांव में दो लोगों को बंधक बनाकर पीटा जा रहा है।
- खड़गपुर थाने की पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची, तो ग्रामीणों की भारी भीड़ सामुदायिक भवन के बाहर मौजूद थी।
- पुलिस ने जब बंधकों को छुड़ाने का प्रयास किया, तो ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर दिया और पथराव शुरू कर दिया।
- इस हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए खड़गपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
📌 कैसे बढ़ा विवाद?
- ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि गोविंद कुमार अपने छोटे भाई अंकुश कुमार को शौच कराने ले जा रहा था।
- इसी दौरान हथियारबंद तीन लोगों ने गोविंद का मोबाइल छीन लिया और मारपीट की।
- गुस्साए ग्रामीणों ने विक्की कुमार और संजेश कुमार को पकड़कर बंधक बना लिया।
- जब पुलिस उन्हें छुड़ाने पहुंची, तो भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर हमला कर दिया।
मुंगेर जिले के खड़गपुर थानान्तर्गत ग्रामीणों द्वारा 02 व्यक्ति को बंधक बना कर उनके साथ मारपीट की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर हमला करने वालों के विरुद्ध #BiharPolice ने कार्रवाई करते हुए घटना में संलिप्त 24 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार
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— Bihar Police (@bihar_police) March 17, 2025
पहले भी हो चुका है पुलिस पर हमला
📌 14 मार्च को एक ASI की हत्या
- इससे पहले, 14 मार्च की रात को भी मुंगेर जिले में पुलिस टीम पर हमला हुआ था।
- ASI संतोष कुमार सिंह को दो पक्षों के विवाद को सुलझाने गए थे, लेकिन एक पक्ष ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी?
🗣 मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद:
“पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। 28 नामजद आरोपियों में से 24 को गिरफ्तार कर लिया गया है, बाकी की तलाश जारी है।”
मुंगेर में लगातार पुलिस टीम पर हमले की घटनाएं चिंता का विषय हैं। प्रशासन सख्त कार्रवाई कर रहा है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर कब तक पुलिसकर्मियों को ऐसी हिंसा का सामना करना पड़ेगा?