श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके भारत के दौरे पर हैं। बता दें कि श्रीलंका में राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद राष्ट्रपति अनुर दिसानायक का ये पहला विदेश दौरा है जिसके लिए उन्होंने भारत को चुना है। श्रीलंका के राष्ट्रपति ने भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत विभिन्न मंत्रियों से भी मुलाकात की है। अनुर कुमार दिसानायक अपनी इस यात्रा के दौरान बिहार के दौरे पर भी पहुंचे हैं। यहां उन्होंने महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की है।
1500 साल पुराना है महाबोधि मंदिर
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायक बिहार में गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचे और इसके बाद सीधे महाबोधि मंदिर गए। बता दें कि महाबोधि मंदिर 1500 साल पुराना है और भगवान बुद्ध के जीवन और विशेष रूप से उनके ज्ञान प्राप्ति से संबंधित चार पवित्र स्थलों में से एक है। गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बिहार सरकार के मंत्री री प्रेम कुमार और संतोष कुमार सुमन और वरिष्ठ अधिकारियों ने श्रीलंका के राष्ट्रपति का स्वागत किया।
This morning (17), I had the privilege of visiting Bodh Gaya, the sacred site where Prince Siddhartha attained enlightenment. I paid homage to the Mahabodhi Temple and Sri Maha Bodhi tree and offered floral tributes to the statue of Anagarika Dharmapala. Grateful for the… pic.twitter.com/MTkLRRdcQF
— Anura Kumara Dissanayake (@anuradisanayake) December 17, 2024
बोधि वृक्ष के नीचे की प्रार्थना
श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने महाबोधि मंदिर के पास में स्थित पवित्र बोधि वृक्ष के नीचे प्रार्थना की और वहां फूल भी चढ़ाए। उन्होंने मंदिर में मौजूद धर्म घंटी को बजाया और इसके बाद बाद मंदिर परिसर के अंदर स्थित भगवान बुद्ध से जुड़े कई अन्य स्थानों के भी दर्शन किए। अनुरा कुमार दिसानायके की यात्रा को देखते मंदिर के आस पास व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
क्यों प्रसिद्ध है महाबोधि मंदिर
आपको बता दें कि बिहार के गया जिले में स्थित महाबोधि मंदिर को बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल माना जाता है। इसी जगह पर बोधि वृक्ष के नीचे भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। महाबोधि मंदिर को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है।