बिहार में मैट्रिक (Matric) बोर्ड परीक्षा के दौरान प्रशासन की सख्ती का असर कई छात्रों पर भारी पड़ा. बेतिया में परीक्षा केंद्रों पर कुछ मिनट की देरी से पहुंची छात्राओं को प्रवेश नहीं दिया गया, जिसके बाद केंद्रों के बाहर भावुक माहौल और हंगामे की स्थिति देखने को मिली. जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा को कदाचार मुक्त और समयबद्ध बनाने के लिए सख्त गाइडलाइंस लागू की गई थीं.
शहर के सेंट टेरेसा स्कूल परीक्षा केंद्र पर एक छात्रा निर्धारित समय से थोड़ी देर बाद पहुंची, लेकिन गेट बंद हो चुका था. निराश छात्रा ने स्कूल की दीवार फांदकर अंदर जाने की कोशिश की, हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक दिया. यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद अभिभावकों में नाराजगी फैल गई और कुछ देर तक हंगामा भी हुआ.
इसी तरह उर्दू आमना हाई स्कूल परीक्षा केंद्र के बाहर भी भावुक नजारा देखने को मिला. यहां दो छात्राएं परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले पहुंचीं, लेकिन प्रशासनिक निर्देशों के चलते गेट बंद होने के बाद उन्हें प्रवेश नहीं मिला. छात्राएं केंद्र के बाहर रोती-बिलखती नजर आईं और बिना परीक्षा दिए ही वापस लौटना पड़ा.
VIDEO | बेतिया, बिहार: ट्रैफिक में फंसने के कारण छात्र परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचे, प्रवेश नहीं दिया गया।
एक छात्र ने कहा, "तीन-चार लड़कियां भी देर से पहुंचीं। हमें प्रवेश नहीं दिया जा रहा है क्योंकि वे कह रहे हैं कि हम देर से आए हैं और हमें अनुमति नहीं दी जाएगी।"#Bettiah… pic.twitter.com/I0egYOKXif
— One India News (@oneindianewscom) February 17, 2026
अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए समय सीमा का कड़ाई से पालन जरूरी है. वहीं अभिभावकों ने मांग की कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कुछ मिनट की छूट दी जानी चाहिए थी. हालांकि नियमों के सख्त पालन के कारण किसी भी परीक्षार्थी को निर्धारित समय के बाद प्रवेश नहीं दिया गया.
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