देशभर के बैंकों में आज, 27 जनवरी, मंगलवार को हड़ताल चल रही है। यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर हो रही है। बैंक कर्मचारी देशव्यापी हड़ताल पर हैं और उनकी सबसे बड़ी मांग है—‘5-डे वर्क वीक’, यानी हफ्ते में 5 दिन काम और 2 दिन आराम। हड़ताल के कारण चेक क्लियरेंस, डिमांड ड्राफ्ट, नकद लेनदेन जैसी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। बैंक कर्मियों का तर्क है कि जब केंद्र सरकार के अधिकांश विभागों में हफ्ते में 5 दिन काम की व्यवस्था है, तो बैंकिंग सेक्टर को इससे क्यों बाहर रखा गया है।
केंद्र सरकार के सचिवालयों और अधिकांश मंत्रालयों में दशकों से 5-डे वर्क वीक लागू है। सोमवार से शुक्रवार तक काम होता है और शनिवार-रविवार को छुट्टी रहती है। हालांकि, इमरजेंसी, महत्वपूर्ण इवेंट या जरूरी काम होने पर केंद्रीय कर्मचारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जा सकती है। हफ्ते में 5 दिन काम और 2 दिन आराम की व्यवस्था 1985 में राजीव गांधी सरकार के दौरान आधिकारिक रूप से अपनाई गई थी, ताकि कर्मचारी अपने परिवार को समय दे सकें और कार्यक्षमता बढ़े। तब रोजाना काम के घंटे 8 से बढ़ाकर 8.5 कर दिए गए थे।
Bank unions observe one-day strike across country over five-day workweek demand
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— ANI Digital (@ani_digital) January 27, 2026
कई राज्य सरकारों ने अपने सचिवालयों में 5-डे वर्क वीक लागू कर दिया है। उदाहरण के लिए, महाराष्ट्र में यह नियम लागू है। वहीं, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों में अधिकांश सरकारी कार्यालयों में अभी भी महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छोड़कर बाकी शनिवारों को काम होता है।
केंद्रीय विश्वविद्यालय जैसे दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) और जेएनयू (JNU) में प्रशासनिक और शैक्षणिक काम के लिए आमतौर पर हफ्ते में 5 दिन काम होता है। शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है। राज्य विश्वविद्यालयों में हालात अलग हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार और कई अन्य राज्यों के सरकारी कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में आज भी 6 दिन (सोमवार से शनिवार) काम होता है। स्कूलों में भी अंतर है—केंद्रीय विद्यालयों में शनिवार को अक्सर ‘एक्टिविटी डे’ होता है, लेकिन शिक्षकों के लिए यह काम का दिन माना जाता है। राज्य सरकार के स्कूलों में अभी भी 6 दिन की व्यवस्था है।
सुरक्षा बलों के नियम सबसे कड़े हैं। राज्य पुलिस के लिए कोई निश्चित वीकेंड नहीं होता, क्योंकि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। हालांकि साप्ताहिक छुट्टी का प्रावधान है, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण इसे रद्द किया जा सकता है। सेना और अर्धसैनिक बलों में कार्य दिवसों की गिनती नहीं होती; जवान फील्ड पोस्टिंग में महीनों बिना छुट्टी काम करते हैं और बाद में छुट्टियां दी जाती हैं। शांति क्षेत्रों में रविवार की छुट्टी होती है, लेकिन इमरजेंसी की स्थिति में यह लागू नहीं होती।
UFBU के अनुसार, यह हड़ताल 26 जनवरी की आधी रात से 27 जनवरी की आधी रात तक चलेगी। बैंक कर्मचारियों की मांग है कि सरकार सभी शनिवार को बैंक की छुट्टी घोषित करे। इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) और यूनियनों के बीच 7 दिसंबर 2023 को समझौता हुआ था, और IBA ने 8 मार्च 2024 को सरकार को इसकी सिफारिश भेज दी थी। अब देरी के कारण बैंककर्मी विरोध कर रहे हैं।
बैंकिंग सेक्टर का तर्क है कि डिजिटलीकरण के दौर में 6 दिन ऑफिस खोलने की जरूरत कम हो गई है। यदि हफ्ते में 5 दिन काम की मांग पूरी होती है, तो कर्मचारियों को भी केंद्रीय मंत्रालयों और कॉर्पोरेट सेक्टर जैसी ‘वर्क-लाइफ बैलेंस’ मिलेगी।
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