कैबिनेट के अहम फैसले: यूपीआई, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, हाईवे निर्माण और यूरिया उत्पादन को मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें यूपीआई ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण और यूरिया उत्पादन से जुड़े फैसले शामिल हैं।
कैबिनेट के अहम फैसले: यूपीआई, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, हाईवे निर्माण और यूरिया उत्पादन को मंजूरी1. यूपीआई ट्रांजैक्शन के लिए 1500 करोड़ रुपये की इंसेंटिव स्कीम2. राष्ट्रीय गोकुल मिशन के लिए 3400 करोड़ रुपये मंजूर3. 4500 करोड़ रुपये से बनेगा नया नेशनल हाईवे4. असम में यूरिया उत्पादन के लिए नया फर्टिलाइजर प्लांट
1. यूपीआई ट्रांजैक्शन के लिए 1500 करोड़ रुपये की इंसेंटिव स्कीम
- छोटे व्यापारियों और ग्राहकों को डिजिटल भुगतान की ओर प्रोत्साहित करने के लिए 1500 करोड़ रुपये की योजना मंजूर की गई।
- 2000 रुपये तक के लेनदेन पर प्रति ट्रांजैक्शन वैल्यू पर 0.15% की दर से इंसेंटिव दिया जाएगा।
- यह योजना 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक लागू रहेगी।
2. राष्ट्रीय गोकुल मिशन के लिए 3400 करोड़ रुपये मंजूर
- वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत 3400 करोड़ रुपये के आवंटन को मंजूरी दी गई।
- यह मिशन कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination) और इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) तकनीकों के जरिए दूध उत्पादन बढ़ाने पर केंद्रित होगा।
- इससे देशभर के पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी और देश में दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा।
3. 4500 करोड़ रुपये से बनेगा नया नेशनल हाईवे
- महाराष्ट्र में जेएनपीए (पगोटे) को चौक से जोड़ने के लिए 29.21 किलोमीटर लंबा छह-लेन हाईवे बनाया जाएगा।
- परियोजना की कुल लागत 4,500.62 करोड़ रुपये होगी और इसे ‘बनाओ, चलाओ, हस्तांतरित करो’ (बीओटी) मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
- इससे परिवहन सुगमता बढ़ेगी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को लाभ मिलेगा।
4. असम में यूरिया उत्पादन के लिए नया फर्टिलाइजर प्लांट
- ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BVFCL), नामरूप में एक नया ब्राउनफील्ड अमोनिया-यूरिया कॉम्प्लेक्स (नामरूप IV फर्टिलाइजर प्लांट) स्थापित किया जाएगा।
- इससे उत्तर-पूर्वी राज्यों में यूरिया की आपूर्ति में सुधार होगा और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
- असम, पश्चिम बंगाल और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों को इस परियोजना से सीधा लाभ मिलेगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल के इन फैसलों से डिजिटल भुगतान, दुग्ध उत्पादन, सड़क अवसंरचना और कृषि क्षेत्र को बड़ी मजबूती मिलेगी। इससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ किसानों और व्यापारियों को भी सीधा लाभ मिलेगा।