अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान के खिलाफ हमले तेज करने की चेतावनी के बाद गुरुवार (1 अप्रैल 2026) को एशियाई और भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली। निवेशकों में बढ़ती वैश्विक तनाव की आशंका के चलते बाजार खुलते ही बिकवाली हावी हो गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, BSE सेंसेक्स 1400 अंकों से ज्यादा टूटकर करीब 71,600 के स्तर पर आ गया, जबकि Nifty 50 में 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,250 के नीचे फिसलकर 22,233 पर कारोबार करता नजर आया। खास बात यह रही कि निफ्टी के सभी 50 शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
ग्लोबल टेंशन के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर करीब 105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है।
सेक्टोरल आधार पर देखा जाए तो बाजार में हर सेक्टर में गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में 2 से 3 प्रतिशत तक की गिरावट आई, जबकि IT, ऑटो, मेटल और कैपिटल गुड्स सेक्टर भी दबाव में रहे। एविएशन, फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के शेयरों में 5 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि, इससे पहले 1 अप्रैल 2026 को ही Donald Trump के सीजफायर संबंधी बयान के बाद बाजार में तेजी देखी गई थी। उस दौरान भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स 1.65 प्रतिशत और निफ्टी 1.56 प्रतिशत तक चढ़ गए थे। लेकिन ताजा बयान ने निवेशकों की धारणा को पूरी तरह बदल दिया और बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली।
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