भारत और New Zealand के बीच आज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर आधिकारिक हस्ताक्षर हो गए हैं, जिसे दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग में ‘मील का पत्थर’ बताया है। यह समझौता तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था और प्रशांत क्षेत्र के विकसित राष्ट्र न्यूजीलैंड के बीच व्यापार और निवेश को नई दिशा देगा।
व्यापार और निवेश का बड़ा लक्ष्य
इस समझौते का उद्देश्य अगले 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 5 अरब डॉलर तक पहुंचाना है, जबकि अगले 15 वर्षों में 20 अरब डॉलर के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
व्यापार और निवेश के प्रमुख फायदे
- भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड में ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा
- न्यूजीलैंड के 95% उत्पादों पर भारत में शुल्क में कटौती
- IT, इंजीनियरिंग और आयुष क्षेत्र के 5,000 भारतीय पेशेवरों को रोजगार वीजा
- 1,000 भारतीय युवाओं को ‘वर्किंग हॉलिडे वीजा’ का मौका
- कृषि और तकनीक में सहयोग बढ़ेगा
प्रधानमंत्री Narendra Modi की परिकल्पना के अनुरूप यह समझौता वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति को मजबूत करेगा।
भारत में क्या-क्या होगा सस्ता?
फल और प्रीमियम फूड
- कीवी, सेब, एवोकैडो, चेरी जैसे फल सस्ते होंगे
- ब्लूबेरी और पर्सिमोन जैसे आयातित फल भी किफायती होंगे
वाइन और स्पिरिट
- न्यूजीलैंड की वाइन पर 150% तक का टैक्स घटाकर 25-50% किया जाएगा
सीफूड
- सैल्मन और मसल्स जैसे समुद्री उत्पाद सस्ते होंगे
ऊन और लकड़ी
- ऊनी कपड़े और कंबल सस्ते हो सकते हैं
- फर्नीचर और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली लकड़ी पर 95% तक शुल्क खत्म
अन्य उत्पाद
- मनुका हनी और शिशु आहार जैसे उत्पाद सस्ते होंगे
किसानों के हित सुरक्षित
भारत ने इस समझौते में डेयरी उत्पाद (दूध, पनीर), चीनी, मसाले, खाद्य तेल और रबर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को शुल्क छूट से बाहर रखा है, ताकि घरेलू किसानों और उद्योगों को नुकसान न हो।
वैश्विक व्यापार में नई दिशा
न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री ने इस समझौते को “पीढ़ी में एक बार मिलने वाला अवसर” बताया है। यह डील भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का मजबूत केंद्र बनाने में मदद करेगी।
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