क्रिसिल रेटिंग्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का एफएमसीजी (फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स) सेक्टर वित्त वर्ष 2026 तक 6-8% की वृद्धि दर्ज कर सकता है। इस दौरान 100-200 आधार अंकों (BPS) की मामूली बढ़ोतरी की संभावना है, जो मुख्य रूप से शहरी मांग में सुधार और ग्रामीण बाजारों में स्थिरता के कारण होगी।
वित्त वर्ष 2024-25 का अनुमान
- चालू वित्त वर्ष 2024-25 में एफएमसीजी सेक्टर की राजस्व वृद्धि 5-6% रहने का अनुमान है।
- इस ग्रोथ का बड़ा हिस्सा वॉल्यूम में 4-6% की वृद्धि से आएगा।
- प्रमुख उत्पाद श्रेणियों जैसे साबुन, बिस्कुट, चाय, कॉफी और हेयर ऑयल में कीमतों में 2% वृद्धि से राजस्व को समर्थन मिलेगा।
मूल्य निर्धारण और लागत कारक
- एफएमसीजी कंपनियां कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के असर को आंशिक रूप से उपभोक्ताओं पर स्थानांतरित करेंगी।
- महत्वपूर्ण इनपुट्स:
- पाम ऑयल (एफएंडबी, पर्सनल केयर और होम केयर में उपयोग)
- कॉफी, खोपरा और गेहूं की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- मूल्य निर्धारण रणनीति कम लागत वाले पैकेजिंग और उत्पादों की बढ़ती पेशकश के साथ संतुलित की जाएगी।
परिचालन लाभ और वित्तीय स्थिरता
- वित्त वर्ष 2024-25 में परिचालन लाभ में 50-100 BPS की गिरावट का अनुमान।
- हालांकि, FY26 तक परिचालन लाभप्रदता 20-21% पर स्थिर रहने की उम्मीद है।
- क्रेडिट प्रोफाइल स्थिर रहेगी, क्योंकि बाजार में एफएमसीजी कंपनियों का रेवेन्यू ₹5.9 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।
भविष्य की रणनीतियां और बाजार रुझान
- डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांडों का अधिग्रहण पारंपरिक एफएमसीजी कंपनियों की प्राथमिकता रहेगी।
- डिजिटल चैनलों को अपनाने में तेजी लाई जाएगी।
- प्रतिस्पर्धा को देखते हुए कम कीमत वाले पैक और उत्पादों की पेशकश बढ़ेगी।
अर्थव्यवस्था और नीतियों का प्रभाव
क्रिसिल के वरिष्ठ निदेशक अनुज सेठी के अनुसार,
- खाद्य मुद्रास्फीति में नरमी,
- ब्याज दरों में संभावित ढील,
- केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित कर राहत उपाय,
इन कारणों से शहरी मांग में सुधार होगा, जिससे एफएमसीजी सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।
निष्कर्ष
- FY26 तक एफएमसीजी सेक्टर में 6-8% की वृद्धि संभावित।
- ग्रामीण और शहरी मांग में सुधार से वॉल्यूम ग्रोथ को समर्थन मिलेगा।
- कंपनियां D2C ब्रांड्स का अधिग्रहण, डिजिटल रणनीति और कम कीमत वाले पैक्स पर ध्यान देंगी।
- ब्याज दरों में ढील और बजट से कर राहत मिलने पर शहरी मांग में और तेजी आने की उम्मीद।