भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार, 28 मार्च को कारोबार बंद होने के साथ ही वित्त वर्ष 2024-25 भी खत्म हो गया। शनिवार और रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को भी शेयर बाजार बंद रहेंगे। सोमवार, 31 मार्च (चालू वित्त वर्ष का आखिरी दिन) को ईद के मौके पर भारतीय शेयर बाजार में छुट्टी रहेगी।
वित्त वर्ष 2024-25 में शेयर बाजार का हाल
-
अंतिम दिन (28 मार्च 2025) का हाल:
-
सेंसेक्स 191.51 अंक गिरकर 77,414.92 पर बंद हुआ।
-
तीन दिन बाजार बंद: 29-30 मार्च (शनिवार-रविवार) और 31 मार्च (ईद की छुट्टी)।
-
-
पूरे वित्त वर्ष की परफॉर्मेंस:
-
सेंसेक्स में 5.10% (3763.57 अंक) की बढ़त।
-
निफ्टी 50 में 5.34% (1192.45 अंक) की बढ़त।
-
कुल मार्केट कैप में ₹25.90 लाख करोड़ की बढ़ोतरी → अब कुल मार्केट कैप ₹4,12,87,646.50 करोड़ (लगभग $4.82 ट्रिलियन)।
-
-
बाजार की चाल के मुख्य कारण:
-
खुदरा निवेशकों की मजबूत भागीदारी।
-
घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) का सकारात्मक रुख।
-
विदेशी निवेशकों (FII) ने सतर्कता बरती, भारी बिकवाली की।
-
कई नए IPO और कंपनियों की लिस्टिंग से बाजार में आशावाद।
-
वैश्विक अनिश्चितताओं और अमेरिकी नीतियों से अस्थिरता।
-
-
महत्वपूर्ण घटनाएँ:
-
27 सितंबर 2024: सेंसेक्स ने 85,978.25 के साथ लाइफटाइम हाई बनाया।
-
अक्टूबर 2024: सेंसेक्स में 4910.72 अंक (5.82%) की गिरावट आई।
कारण:-
FII की बिकवाली
-
कंपनियों के कमजोर नतीजे
-
ऊँचे वैल्यूएशन की चिंता
-
-
विशेषज्ञ की राय:
पलक अरोड़ा चोपड़ा (मास्टर कैपिटल सर्विसेज) के अनुसार—
“FY 2024-25 ने नए निवेशकों को असली गिरावट का सामना कराते हुए बाजार की वास्तविकता दिखाई। खुदरा निवेशकों ने गिरावट के दौरान निवेश बनाए रखा, जबकि FII बिकवाली करते रहे।”
क्या मतलब निकाला जाए?
-
बाजार में अस्थिरता के बावजूद, लंबे समय के निवेशकों को फायदा मिला।
-
विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद घरेलू निवेशकों ने बाजार को संभाला।
-
2025-26 में भी बाजार की चाल इस बात पर निर्भर करेगी:
-
आम चुनाव परिणाम
-
अमेरिकी अर्थव्यवस्था और ब्याज दरें
-
घरेलू ग्रोथ और कॉर्पोरेट अर्निंग्स
-