छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक धर्मांतरण का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के होलीक्रॉस नर्सिंग कॉलेज, कुनकुरी में एक छात्रा ने कॉलेज की प्राचार्या विंसी जोसेफ पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाने और मना करने पर मानसिक प्रताड़ना देने का गंभीर आरोप लगाया है।
छात्रा का आरोप: “न बनो ईसाई तो पढ़ने नहीं देंगे”
पीड़ित छात्रा, जो फाइनल ईयर नर्सिंग की छात्रा है, ने बताया कि जब उसने जीएनएम प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया था, तब से ही प्राचार्या उस पर ईसाई धर्म स्वीकार कर ‘नन’ बनने का दबाव बना रही थीं। छात्रा ने शुरू में इसे नजरअंदाज किया, परंतु समय के साथ यह अनुरोध से धमकी में बदल गया।
छात्रा का दावा है कि उसने जब धर्मांतरण से साफ मना किया तो कॉलेज प्रशासन ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उसकी अटेंडेंस नहीं लगाई गई, कक्षा से बाहर निकाल दिया गया, कॉलेज परिसर में आने पर रोक लगाई गई, और 1 अप्रैल 2024 को उसे हॉस्टल से भी निकाल दिया गया।
परीक्षा से रोकने की कोशिश, प्रैक्टिकल में फेल करने की धमकी
छात्रा ने कहा कि जब उसने इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की, तब उसे सैद्धांतिक परीक्षा में बैठने की अनुमति तो मिली, लेकिन प्रैक्टिकल परीक्षा में फेल करने की धमकी दी जा रही है।
परिवार की पीड़ा: “हम गरीब हैं, बेटी को किसी तरह पढ़ा रहे हैं”
छात्रा की माँ ने मीडिया से कहा,
“कॉलेज की सिस्टर बार-बार बेटी को नन बनने को कहती थी। मैंने बेटी से कहा कि पढ़ाई पर ध्यान दो। अगर त्याग ही करना है, तो हमारे धर्म में भी ब्रह्मकुमारी हैं। हम गरीब लोग हैं, कुछ कह नहीं सकते, लेकिन बच्ची की हर छोटी गलती पर कॉलेज वाले हमें बुलाकर डाँटते थे।”
लिखित शिकायत, प्रशासन से कार्रवाई की माँग
पीड़ित छात्रा ने जशपुर के कलेक्टर और एसपी को लिखित शिकायत देकर प्राचार्या के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। साथ ही कॉलेज प्रबंधन पर भी धार्मिक स्वतंत्रता का हनन करने और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं।
हिन्दू संगठनों का विरोध: “शिक्षा की आड़ में धर्मांतरण बर्दाश्त नहीं”
मामले को लेकर हिन्दू संगठनों और भाजपा नेताओं ने कड़ा विरोध जताया है।
प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, भाजपा नेता और अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख, ने सोशल मीडिया पर लिखा:
“शिक्षा के आड़ में धर्मांतरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कॉलेज की मान्यता रद्द कर इसे बंद किया जाए और आरोपी प्राचार्या पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।”
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के जशपुर जिला प्रमुख करनैल सिंह ने भी कॉलेज बंद करने और प्राचार्या की गिरफ्तारी की माँग की है।
यह मामला केवल एक छात्रा की व्यक्तिगत पीड़ा नहीं, बल्कि बड़ी सामाजिक और धार्मिक चुनौती को उजागर करता है। ऐसे संस्थानों पर निगरानी बढ़ाना, शिक्षा और धर्म के बीच स्पष्ट सीमाएं खींचना तथा गरीब छात्रों की संरक्षा सुनिश्चित करना अब सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।