छत्तीसगढ़ के Surguja district में विशेष संरक्षित Pando tribe की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है।
यह मामला लखनपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत मांजा के राजाकटेल मोहल्ले का है, जहाँ पंडो जनजाति के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उनकी करीब 50 एकड़ पैतृक भूमि पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे कई पीढ़ियों से इस जमीन पर रह रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में बाहरी लोग यहाँ आकर बस गए और धीरे-धीरे जमीन पर अपना दावा करने लगे।
छलपूर्वक दस्तावेजों पर अंगूठा लगवाने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, कुछ लोगों ने कथित तौर पर पंडो समाज के लोगों से छलपूर्वक दस्तावेजों पर अंगूठा लगवाकर जमीन अपने नाम दर्ज करवा ली।
इसके बाद उन्होंने अपने रिश्तेदारों को भी वहाँ बुलाकर बसाना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि अब उस क्षेत्र में करीब 80 से 90 परिवार रह रहे हैं।
धमकी देने का भी आरोप
पंडो जनजाति के लोगों का आरोप है कि जब वे अपनी जमीन वापस लेने या कब्जा हटाने की बात करते हैं तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है।
ग्रामीणों ने जमील अहमद, शकील अहमद, समीम, गुलबहार अहमद, नसीम, खुर्शीद, कबीर, असलम, मोहम्मद जमील, बाबर और मोहताब सहित कई लोगों पर जमीन कब्जाने और उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग
इस मामले में ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर FIR दर्ज करने और जमीन खाली कराने की मांग की है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश के बाद Udaipur, Surguja के SDM न्यायालय में Chhattisgarh Land Revenue Code Section 170-B के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्रशासन ने कथित कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
क्या कहता है कानून
छत्तीसगढ़ भूमि राजस्व संहिता की धारा 170-बी विशेष रूप से आदिवासी समुदायों की जमीन की सुरक्षा के लिए बनाई गई है।
इस कानून के तहत यदि किसी गैर-आदिवासी द्वारा आदिवासी की जमीन पर अवैध कब्जा किया जाता है, तो प्रशासन उसे निरस्त कर जमीन वापस दिला सकता है।
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