केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने महादेव बुक ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाले की जांच के तहत बुधवार को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में 60 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान राजनेताओं, वरिष्ठ नौकरशाहों, पुलिस अधिकारियों और महादेव बुक के प्रमुख पदाधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ठिकानों पर छापेमारी
- CBI ने रायपुर में सरकारी आवास और भिलाई स्थित भूपेश बघेल के निजी आवास पर तलाशी ली।
- उनके कई सहयोगियों और करीबियों के घरों पर भी छापे मारे गए।
- CBI को तलाशी के दौरान डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य मिले, जिन्हें जब्त कर लिया गया है।
महादेव बुक सट्टेबाजी घोटाले का पूरा मामला
- महादेव बुक रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर द्वारा प्रवर्तित एक ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म है, जो दुबई से संचालित किया जाता है।
- CBI जांच में सामने आया कि इस अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को सुचारू रूप से चलाने के लिए लोकसेवकों को ‘सुरक्षा धन’ के रूप में भारी रिश्वत दी गई।
- शुरुआत में यह मामला आर्थिक अपराध शाखा (EOW) रायपुर द्वारा दर्ज किया गया था, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार ने इसे CBI को सौंप दिया।
CBI की अगली कार्रवाई और संभावित प्रभाव
- CBI अब जब्त किए गए सबूतों का विश्लेषण कर रही है, जिससे इस सट्टेबाजी घोटाले से जुड़े अन्य बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।
- इस मामले में राजनीतिक हलचल तेज हो सकती है, खासकर छत्तीसगढ़ में।
- CBI की जांच महादेव बुक नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों और वित्तीय लेन-देन की ओर भी बढ़ सकती है।
यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति और अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े संगठित अपराध पर बड़ा असर डाल सकता है।