दिल्ली में साफ पानी की समस्या को हल करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई में सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दिल्ली सरकार अब राज्य में 5000 वाटर एटीएम लगाने की योजना पर तेजी से काम कर रही है, जिससे लोगों को किफायती दरों पर स्वच्छ और सुरक्षित पानी मिलेगा।
वाटर एटीएम के लिए योजना
- वाटर एटीएम सबसे पहले व्यावसायिक केंद्रों और बाजारों में लगाए जाएंगे, जो उन इलाकों में होंगे जहां अभी तक पाइपलाइन की व्यवस्था नहीं है।
- इन एटीएम से पानी के टैंकरों पर निर्भरता कम करने की कोशिश की जाएगी।
कहां होंगे ये वाटर एटीएम?
- सरकार ने भीड़-भाड़ वाले इलाकों को प्राथमिकता दी है, जहां पहले से पानी की आपूर्ति की समस्याएं हैं।
- बाजारों और व्यावसायिक केंद्रों में इन एटीएम को लगाने का काम पहले शुरू होगा।
पानी के टैंक और रिसाइक्लिंग
- दिल्ली सरकार प्लास्टिक की बोतलों को रिसाइकिल करने का तरीका ढूंढने पर भी काम कर रही है। इसका उद्देश्य जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा दोनों को बढ़ावा देना है।
पीपीई मॉडल का उपयोग
- इस योजना के तहत, पीपीई (Public-Private Enterprise) मॉडल का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे मार्केट एसोसिएशन और आरएडब्ल्यूए (Residents’ Welfare Associations) को भी शामिल किया जाएगा। इससे न सिर्फ सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।
किराया निर्धारण
- फिलहाल, वाटर एटीएम से पानी की दरें निर्धारित नहीं की गई हैं। हालांकि, सरकार का उद्देश्य है कि यह पानी न्यूनतम दरों पर उपलब्ध कराया जाए, जिससे सभी लोग इसे अफोर्ड कर सकें।
उम्मीदें और भविष्य
यह योजना दिल्ली में पानी की किल्लत और पानी की गुणवत्ता से जूझ रहे लोगों के लिए एक राहत साबित हो सकती है। इसके लागू होने से न केवल पानी की समस्या का समाधान होगा, बल्कि यह स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देगा।