दिल्ली में फर्जी नो-एंट्री परमिट (NEP) के जरिए चल रहे गड़बड़झाले पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि नकली पास बनवाने या इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी पास पर होगी कड़ी कार्रवाई
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक:
- फर्जी NEP इस्तेमाल करने पर आपराधिक केस दर्ज होगा
- वाहन को जब्त किया जा सकता है
- संबंधित व्यक्ति को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है
दो हफ्तों में सामने आए दो मामले
पिछले दो हफ्तों में:
- ईस्टर्न ट्रैफिक रेंज में एक मामला
- सेंट्रल रेंज में दूसरा मामला
सामने आया, जहां वाहनों को नकली नो-एंट्री पास के साथ पकड़ा गया।
जांच में पता चला कि ये फर्जी पास अवैध एजेंटों और दलालों के जरिए बनवाए गए थे। इसके बाद गोकुलपुरी और वजीराबाद थानों में FIR दर्ज की गई है।
पूरे नेटवर्क पर पुलिस की नजर
पुलिस अब सिर्फ ड्राइवरों पर ही नहीं, बल्कि:
- फर्जी पास बनाने वाले गिरोह
- अवैध एजेंट और दलाल
पर भी शिकंजा कस रही है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
क्या होता है नो-एंट्री पास (NEP)?
दिल्ली में नो-एंट्री पास उन वाहनों को दिया जाता है जो जरूरी सेवाओं से जुड़े होते हैं, जैसे:
- दूध, फल-सब्जियां, राशन
- दवाइयां, ऑक्सीजन, LPG
- पानी सप्लाई
- सरकारी एजेंसियां (DDA, PWD, DMRC आदि)
इन वाहनों को तय समय और शर्तों के साथ एंट्री दी जाती है।
NEP के प्रकार
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार पास तीन तरह के होते हैं:
- एनुअल पास – 1 साल के लिए (ऑनलाइन आवेदन)
- टेम्पररी पास – 3 महीने तक (ऑनलाइन)
- शॉर्ट टर्म पास – 1 हफ्ते तक (ऑफलाइन, DCP ऑफिस से)
इन नियमों का रखना होगा ध्यान
- 10 साल से पुराने डीजल वाहनों को पास नहीं मिलेगा
- CNG और BS मानकों वाले वाहनों को प्राथमिकता
- तय रूट, समय और शर्तों का पालन जरूरी
लोगों से अपील
ट्रैफिक पुलिस ने ट्रांसपोर्टरों और वाहन चालकों से अपील की है कि:
- किसी भी अनऑथराइज्ड एजेंट से दूर रहें
- केवल आधिकारिक पोर्टल से ही पास बनवाएं
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