दिल्ली विधानसभा में आज पेश की गई CAG रिपोर्ट को लेकर सियासी घमासान तेज़ हो गया है। रिपोर्ट में नई आबकारी नीति 2021-22 को लेकर गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है, जिससे दिल्ली सरकार को करीब 2000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
CAG रिपोर्ट के अहम खुलासे:
- एक व्यक्ति को एक से अधिक लाइसेंस – पहले एक व्यक्ति को सिर्फ एक लाइसेंस मिलता था, लेकिन नई नीति में एक व्यक्ति 24 से अधिक लाइसेंस ले सकता था।
- सरकारी नियंत्रण हटाकर निजी हाथों में बिक्री – पहले 60% शराब बिक्री सरकारी कॉरपोरेशनों के जरिए होती थी, लेकिन नई नीति में निजी कंपनियों को रिटेल लाइसेंस लेने की छूट दे दी गई।
- शराब बिक्री पर बढ़ा कमीशन – पहले कमीशन 5% था, जिसे बढ़ाकर 12% कर दिया गया।
- थोक लाइसेंस का उल्लंघन – शराब वितरकों और निर्माताओं को थोक का लाइसेंस दिया गया, जो नीति के खिलाफ था।
- कोई पृष्ठभूमि जांच नहीं – लाइसेंस देने से पहले किसी की आर्थिक स्थिति या आपराधिक रिकॉर्ड की जांच नहीं की गई।
- राजनीतिक दखल और भाई-भतीजावाद – रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि लाइसेंस देने में राजनीतिक हस्तक्षेप हुआ।
विधानसभा में हंगामा और AAP विधायकों का निलंबन
जब दिल्ली के एलजी विनय कुमार सक्सेना का अभिभाषण हो रहा था, तब आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने बाबासाहेब अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें हटाने का विरोध करते हुए जोरदार हंगामा किया। इस पर आप विधायक आतिशी समेत कई नेताओं को पूरे दिन के लिए विधानसभा से निलंबित कर दिया गया।
AAP का आरोप – “अंबेडकर की तस्वीर हटाकर मोदी की लगाई”
आप विधायक संजीव झा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से अंबेडकर की तस्वीर हटा दी गई और वहां पीएम मोदी की तस्वीर लगा दी गई। जब इस पर सवाल उठाया गया, तो आप विधायकों को निलंबित कर दिया गया।
BJP का पलटवार – “AAP सरकार ने CAG रिपोर्ट दबाई”
बीजेपी ने आप सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने CAG रिपोर्ट को वर्षों तक विधानसभा में पेश नहीं किया। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि 2017-18 के बाद से CAG रिपोर्ट पेश नहीं की गई थी, जबकि इसे हर साल विधानसभा में रखा जाना चाहिए था।
अब आगे क्या?
CAG रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद अब आबकारी घोटाले की जांच और तेज हो सकती है। इससे पहले ED और CBI की जांच में कई AAP नेताओं का नाम सामने आया था, जिसमें मनीष सिसोदिया भी जेल में हैं। अब देखना होगा कि दिल्ली सरकार इस रिपोर्ट पर क्या सफाई देती है और विपक्ष इस मुद्दे को कैसे भुनाता है।