महाराष्ट्र में अगले महीने होने वाले महानगरपालिका चुनावों से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं और मतदाताओं को साधने के लिए रणनीतियाँ बना रहे हैं। इसी बीच राज्य की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। लगभग दो दशक बाद चचेरे भाई उद्धव ठाकरे (शिवसेना UBT) और राज ठाकरे (MNS) ने बीएमसी चुनाव के लिए एकजुट होने का फैसला किया है।
आज दोनों नेताओं ने मुंबई के वर्ली स्थित होटल ब्लू सी में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने गठबंधन की औपचारिक घोषणा की। इस दौरान महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण बनने के संकेत साफ नजर आए।
#WATCH | Mumbai | MNS Chief Raj Thackeray announces the alliance of Shiv Sena (UBT) and MNS ahead of the Municipal Corporation Elections. pic.twitter.com/FW9wtGldzr
— ANI (@ANI) December 24, 2025
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए MNS प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि सीटों के बँटवारे का मुद्दा अभी महत्वपूर्ण नहीं है। कौन कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा, इसका खुलासा फिलहाल नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मुंबई का मेयर मराठी ही बनेगा और मुंबई पर मराठी मानुष का अधिकार कायम रहेगा।
वहीं शिवसेना UBT प्रमुख उद्धव ठाकरे ने तीखे शब्दों में कहा कि दिल्ली में बैठे लोग मुंबई को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई को तोड़ने की साजिश करने वालों को खत्म कर दिया जाएगा। उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि ठाकरे परिवार ने महाराष्ट्र के लिए संघर्ष किया है और आज दोनों भाई साथ आए हैं, हमेशा साथ रहने के लिए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहा था।
#WATCH | Mumbai | Thackeray brothers come together for a family photograph after they announce an alliance of their parties for the upcoming Municipal Corporation Elections. pic.twitter.com/CD4CzI9wIx
— ANI (@ANI) December 24, 2025
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ठाकरे ब्रदर्स ने पारिवारिक तस्वीर भी खिंचवाई, जिसमें दोनों परिवार एक साथ मंच पर नजर आए। उल्लेखनीय है कि नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो चुकी है, जो 30 दिसंबर तक चलेगी। मुंबई समेत राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के लिए 15 जनवरी को मतदान होगा, जबकि मतगणना 16 जनवरी को की जाएगी। इस गठबंधन से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
इस गठबंधन पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर ये दल साथ चलने में सक्षम होते तो हाल ही में हुए नगर पंचायत चुनावों में उन्हें इतनी हार का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन उनकी मजबूरी है, क्योंकि न तो कांग्रेस और न ही शरद पवार उनके साथ हैं। ऐसे में उद्धव ठाकरे को किसी न किसी सहारे की जरूरत है और उसी तरह वे राज ठाकरे का सहारा ले रहे हैं। शिरसाट ने यह भी दावा किया कि इस गठबंधन से उन्हें ज्यादा राजनीतिक फायदा मिलने की संभावना नहीं है।
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