शुक्रवार को दिल्ली के नेशनल मीडिया सेंटर में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2025 की घोषणा की गई। जूरी ने 22 भाषाओं की 115 से अधिक फिल्मों की समीक्षा के बाद विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं का चयन किया।
हिंदी फिल्मों की उपलब्धियां:
- बेस्ट डायरेक्टर (हिंदी) का पुरस्कार फिल्म ‘द फर्स्ट फिल्म’ के लिए पियूष ठाकुर को दिया गया।
- बेस्ट शॉर्ट फिल्म का सम्मान ‘गिद्ध: द स्कैवेंजर’ को मिला जिसे मनीष सैनी ने निर्देशित किया।
- बेस्ट नॉन-फीचर फिल्म (हिंदी) का खिताब ‘द साइलेंट एपिडेमिक’ को मिला, जो सड़क दुर्घटनाओं और नागरिक चेतना पर केंद्रित है। निर्देशक हैं अक्षत गुप्ता।
- बेस्ट डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार ‘गॉड वल्चर एंड ह्यूमन’ को मिला (निर्देशक: ऋषिराज अग्रवाल)।
- बेस्ट कला/संस्कृति फिल्म बनी अंग्रेज़ी भाषा की ‘टाइमलेस तमिलनाडु’, निर्देशक: कामाख्या नारायण सिंह।
- बेस्ट बायोग्राफिकल फिल्म का सम्मान उड़िया फिल्म ‘मा बोउ मो गान (मेरी मां मेरा गांव)’ को मिला, निर्देशन: संजीव प्रसाद।
विशेष उल्लेख व लेखन सम्मान:
- फिल्म समीक्षक (असमिया) के तौर पर उत्पल दत्ता को सर्वश्रेष्ठ लेखन सम्मान मिला।
- विशेष उल्लेख (फीचर) में चर्चित फिल्म ‘एनिमल’ को शामिल किया गया।
- विशेष उल्लेख (गैर-फीचर) में ‘नेकल – पड्ड्यन का इतिहास’ (मलयालम) और ‘ऋतु और सात गांव’ (उड़िया) को सराहा गया।
गैर-फीचर फिल्में व तकनीकी पुरस्कार:
- सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र: ‘गॉड वल्चर एंड ह्यूमन’ (अंग्रेज़ी, हिंदी, तेलुगु)।
- सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म: ‘द फ्लावरिंग मैन’ (हिंदी)।
- सर्वश्रेष्ठ स्क्रिप्ट: कन्नड़ फिल्म ‘सनफ्लावर सबसे पहले जानने वाले थे’।
- बेस्ट वॉयस ओवर: अंग्रेज़ी फिल्म ‘द स्केयर्ड जैक – एक्सप्लोरिंग द ट्री ऑफ विशेज़’।
फीचर फिल्मों के क्षेत्रीय विजेता:
- तमिल: ‘पार्किंग’ (रामकुमार बालकृष्णन)
- पंजाबी: ‘गॉडडे गॉडडे चा’ (विजय कुमार अरोड़ा)
- उड़िया: ‘पुष्करा’ (शुभ्रांशु दास)
- कन्नड़: ‘कोंडेलू’
- मलयालम: ‘उलोझुक्कु’ (क्रिस्टो टॉमी)
- असमिया: ‘रोंगटापु’
- बंगाली: ‘डीप फ्रिज’
- गुजराती: ‘वश’
- गारो: ‘रिमडोगिटांगा (रैप्चर)’
तकनीकी श्रेणियों में प्रमुख विजेता:
- सर्वश्रेष्ठ एक्शन निर्देशन: नंदू और प्रुधवी
- सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन: हर्षवर्धन (फिल्म: एनिमल)
- सर्वश्रेष्ठ ध्वनि डिजाइन: सचिन सुधाकरन और हरिहरण मुरलीधरन (एनिमल)
- सर्वश्रेष्ठ एक्शन कोरियोग्राफी: तेलुगु फिल्म ‘हनु-मान’
- सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी: ‘ढिंढोरा बाजे रे’ (रॉकी और रानी की प्रेम कहानी) – वैभवी मर्चेंट
- संपादन: ‘पुक्कलम’ (मलयालम)
- प्रोडक्शन डिज़ाइन: मलयालम फिल्म ‘2018’
अन्य प्रमुख विजेता:
- सर्वश्रेष्ठ निर्देशन: ‘द केरला स्टोरी’
- सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका: शिल्पा राव (छलिया – जवान)
- AVGC श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म: (विवरण प्रतीक्षित)
यह पुरस्कार समारोह भारतीय सिनेमा की विविधता, सामाजिक चेतना और तकनीकी उत्कृष्टता का प्रतिबिंब है, जिसमें हिंदी के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को भी बराबर महत्व दिया गया है।
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