हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा पेश किए गए बजट 2025 में किसानों, मछुआरों, युवाओं और महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। खासतौर पर दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में ₹6 प्रति लीटर की बढ़ोतरी किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
गाय और भैंस के दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में रिकॉर्ड बढ़ोतरी।
हमारी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। pic.twitter.com/kSTwAgkyj2
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) March 17, 2025
मुख्य घोषणाएँ:
✅ दूध का एमएसपी बढ़ा:
- गाय के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 45 रुपये से बढ़ाकर 51 रुपये प्रति लीटर किया गया।
- भैंस के दूध का MSP 55 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर हुआ।
✅ कृषि उपज के MSP में वृद्धि:
- प्राकृतिक मक्की का MSP 30 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति किलो किया गया।
- प्राकृतिक गेहूं का MSP 40 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपये प्रति किलो किया गया।
- कच्ची हल्दी का MSP 90 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया।
✅ कृषि एवं मत्स्यपालन क्षेत्र में राहत:
- हमीरपुर में स्पाइस पार्क का निर्माण किया जाएगा।
- 20,000 से अधिक मछुआरों को राहत, अब रॉयल्टी 15% से घटाकर 7.5% की गई।
- नए मछली पालकों को नाव खरीदने पर सब्सिडी दी जाएगी।
✅ पर्यावरण एवं पर्यटन क्षेत्र में सुधार:
- पौधरोपण को बढ़ावा देने के लिए महिला एवं युवक मंडलों को सालाना 2.40 लाख रुपये दिए जाएंगे।
- कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार किया जाएगा ताकि इसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाया जा सके।
- नादौन में वेलनेस और राफ्टिंग सेंटर खोले जाएंगे।
✅ युवाओं को रोजगार व स्टार्टअप प्रोत्साहन:
- मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना शुरू होगी।
- 3000 डीजल टैक्सियों को ई-टैक्सी और ई-रिक्शा में बदला जाएगा।
- 1000 नए बस रूट युवाओं को सौंपे जाएंगे।
- हमीरपुर जिले के सरकारी कार्यालयों में ई-वाहन अनिवार्य किए जाएंगे।
✅ मनरेगा और सामाजिक सुरक्षा में सुधार:
- मनरेगा मजदूरी में 20 रुपये की वृद्धि।
- 37,000 नए लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन।
- 40% या अधिक दिव्यांग होने पर भी पेंशन मिलेगी।
- इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत 2025-26 में पात्र महिलाओं को राशि प्रदान की जाएगी।
हिमाचल सरकार का यह बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों, पशुपालकों, युवाओं और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।