आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा बैठक: हिंदू जागरण और शताब्दी वर्ष की तैयारियां प्रमुख एजेंडा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक 21 से 23 मार्च तक कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के चन्नेनहल्ली स्थित जनसेवा विद्या केंद्र में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में संघ के आगामी अभियानों, हिंदू जागरण, और 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी।
बैठक के प्रमुख बिंदु:
- हिंदू जागरण: आगामी वर्ष में हिंदू समाज को अधिक संगठित करने के लिए रणनीतियां तय की जाएंगी।
- देश की वर्तमान स्थिति का विश्लेषण: सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर संघ का दृष्टिकोण स्पष्ट किया जाएगा।
- RSS के शताब्दी वर्ष की तैयारियां: 2025 में संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चल रहे कार्यक्रमों की समीक्षा होगी।
- वार्षिक रिपोर्ट पर चर्चा: 2024-25 के लिए RSS की संगठनात्मक और सामाजिक गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी।
- महत्वपूर्ण घोषणाएं: संघ की आगामी योजनाओं और अभियानों की रूपरेखा तय होगी।
संघ के शीर्ष नेतृत्व की भागीदारी:
- सरसंघचालक मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, और सभी सहसरकार्यवाह बैठक में उपस्थित रहेंगे।
- कुल 1480 प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है, जिनमें प्रांत और क्षेत्र स्तर के प्रमुख कार्यकर्ता शामिल होंगे।
- 22 मार्च को सहसरकार्यवाह और 23 मार्च को सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
बैठक का महत्व:
यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह संघ की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था मानी जाती है और इसके निर्णय संघ की भावी रणनीतियों को निर्धारित करते हैं। विजयादशमी पर संघ के 100 वर्ष पूरे होने से पहले यह बैठक संघ की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस बैठक से संघ के आगामी एजेंडे और राष्ट्रवादी नीतियों पर महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की संभावना है।