अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी FBI ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए ISIS से जुड़े तीन अमेरिकी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये तीनों आतंकी संगठन ISIS को आर्थिक मदद पहुंचाने, अमेरिकी सैनिकों पर हमले की योजना बनाने और अमेरिका में बड़े पैमाने पर आतंकवादी हमलों की साजिश रच रहे थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान बिसाम गफूर (25), इलियास शमसाल्दीन (21) और बेरीन जाये (23) के रूप में हुई है। FBI और अन्य संघीय एजेंसियों ने कंसास और कैलिफोर्निया में एक साथ छापेमारी कर तीनों को गिरफ्तार किया।
ISIS के लिए ली थी वफादारी की कसम
जांच एजेंसियों के अनुसार, तीनों आरोपित फरवरी 2025 से जून 2026 तक डिस्कॉर्ड और अन्य एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लगातार संपर्क में थे। इस दौरान उन्होंने ISIS के प्रति वफादारी की शपथ ली और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की योजनाएं बनाईं।
FBI के दस्तावेजों के मुताबिक, तीनों आरोपी अमेरिकी सेना और सुरक्षा बलों को निशाना बनाना चाहते थे। वे अमेरिका के भीतर और विदेशों में ISIS के लिए काम करने तथा आवश्यकता पड़ने पर अपनी जान देने तक को तैयार थे।
ISIS को भेजे 2,000 डॉलर से अधिक
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपितों ने ISIS के एक सदस्य को 2,000 डॉलर (करीब 1.90 लाख रुपये) से अधिक की आर्थिक सहायता भेजी थी। यह रकम क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से जुटाई और ट्रांसफर की गई थी।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी इस धन का इस्तेमाल रॉकेट, ड्रोन और अन्य हमलावर उपकरण खरीदने के लिए करना चाहते थे। बिसाम गफूर ने कथित तौर पर यह इच्छा भी जताई थी कि अमेरिकी नागरिकों पर हमले करने वाले ड्रोन पर उसका नाम लिखा जाए।
महिला सैनिक का सिर काटने की जताई थी इच्छा
FBI को मिले चैट रिकॉर्ड्स में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। मुख्य आरोपी बिसाम गफूर ने कथित तौर पर लिखा था कि वह “एक महिला सैनिक का सिर काटना चाहता है”। उसने यह भी कहा था कि वह “30 करोड़ अमेरिकियों को मारना चाहता है।”
वहीं दूसरे आरोपी इलियास शमसाल्दीन ने अमेरिकी सैनिकों पर चाकू से हमला करने की इच्छा जाहिर की थी। तीसरा आरोपी बेरीन जाये अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज को निशाना बनाने की योजना बना रहा था।
समय रहते नाकाम हुई बड़ी साजिश
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि तीनों आरोपी हमलों की तैयारी के काफी करीब पहुंच चुके थे। हालांकि FBI की निगरानी और समय पर की गई कार्रवाई के कारण संभावित आतंकी हमलों को रोका जा सका।
कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि अमेरिका आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है और इस कार्रवाई से आतंकियों को स्पष्ट संदेश गया है।
वहीं FBI निदेशक काश पटेल ने कहा कि एजेंसी ने समय रहते कार्रवाई कर एक गंभीर खतरे को टाल दिया। उन्होंने कहा कि आरोपियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी और उनकी योजनाओं को सफल होने से पहले ही विफल कर दिया गया।
अमेरिका में बढ़ी सुरक्षा चिंताएं
इस गिरफ्तारी के बाद अमेरिका में घरेलू आतंकवाद और ऑनलाइन कट्टरपंथ के बढ़ते खतरे को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए आतंकवादी संगठनों द्वारा युवाओं को प्रभावित करने की रणनीतियों पर विशेष नजर रख रही हैं।
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