अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर से मायाबंदर जा रहे पवन हंस लिमिटेड के हेलीकॉप्टर की समुद्र के बीच इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। राहत की बात यह रही कि हेलीकॉप्टर में सवार 2 क्रू मेंबर और 3 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।
घटना के बाद रेस्क्यू टीमों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और अब हेलीकॉप्टर को पानी से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक तकनीकी कारणों के चलते यह एहतियाती लैंडिंग कराई गई।
क्या है पवन हंस?
पवन हंस भारत की सबसे बड़ी सरकारी हेलीकॉप्टर सेवा कंपनी है, जिसकी स्थापना 1985 में हुई थी और मुख्यालय नोएडा में स्थित है।
यह कंपनी देश के दुर्गम इलाकों में हवाई संपर्क उपलब्ध कराती है।
Around 9:30 a.m. today, a Pawan Hans helicopter experienced a short landing incident near Mayabunder in the Andaman and Nicobar Islands. The helicopter had taken off from Port Blair with two crew members and five passengers on board. All have been rescued and are safe. No…
— ANI (@ANI) February 24, 2026
पवन हंस की प्रमुख सेवाएं:
समुद्र में बने तेल कुओं, जैसे ONGC के प्लेटफॉर्म तक कर्मचारियों को पहुंचाना।
अंडमान-निकोबार और उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में यात्री सेवा।
धार्मिक यात्राएं—केदारनाथ मंदिर और माता वैष्णो देवी मंदिर के लिए हेलीकॉप्टर सुविधा।
कंपनी के पास 40 से अधिक हेलीकॉप्टर हैं। अंडमान जैसे द्वीप क्षेत्रों में इसे ‘जीवनरेखा’ माना जाता है।
हवाई सुरक्षा पर सवाल?
लगातार सामने आ रही इमरजेंसी लैंडिंग की घटनाएं विमानन सुरक्षा और तकनीकी रखरखाव को लेकर सवाल खड़े कर रही हैं। हालांकि, दोनों मामलों में समय रहते एहतियाती कदम उठाए जाने से बड़ा हादसा टल गया।
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