गौतम अदानी की अगुवाई वाले समूह की डिफेंस कंपनी अदानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने इंडियन नेवी को बुधवार को दृष्टि-10 ड्रोन का दूसरा यूनिट डिलीवर कर दिया। यह एक स्टारलाइनर निगरानी ड्रोन है। इस ड्रोन के मिलने से भारत की समुद्री सेना की शिपिंग लाइनों की निगरानी करने और समुद्री डकैती के जोखिम को कम करने की क्षमता में बढ़ोतरी हो गई है। खबर के मुताबिक, इससे पहले कंपनी ने इस साल की शुरुआत में पहला दृष्टि-10 ड्रोन डिलीवर किया था।
अदानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस द्वारा विकसित दृष्टि-10 ड्रोन भारतीय रक्षा क्षमताओं में एक अहम तकनीकी प्रगति है।
ड्रोन की विशेषताएं:
- पेलोड क्षमता:
- 450 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है।
- इसे खुफिया, निगरानी, और टोही (ISR) उद्देश्यों के लिए अनुकूलित किया गया है।
- धैर्य और उड़ान समय:
- यह ड्रोन 36 से 48 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है।
- 10,000 से 30,000 फीट की ऊंचाई पर काम करने में सक्षम है, जो समुद्री और सीमा क्षेत्रों में बेहतर निगरानी प्रदान करता है।
- एडवांस टेक्नोलॉजी:
- इसे हैदराबाद में स्थित अदानी डिफेंस की अत्याधुनिक सुविधा में तैयार किया गया है।
- यह एक “फोर्स मल्टीप्लायर” के रूप में कार्य करता है, जो नौसेना और सेना दोनों को दूरस्थ और विशाल क्षेत्रों की निगरानी में मदद करता है।
- तैनाती:
- भारतीय नौसेना ने इसे पोरबंदर में तैनात किया है, जिससे समुद्री डकैती और अन्य खतरों पर निगरानी की जा रही है।
- भारतीय सेना ने इसे भटिंडा बेस पर तैनात किया है, जहां से यह पाकिस्तान के साथ लगी पश्चिमी सीमा पर निगरानी करता है।
- रणनीतिक महत्व:
- दृष्टि-10 के इस्तेमाल से भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी क्षमताओं में बढ़ोतरी हुई है।
- भारतीय सेना के लिए यह सीमा पर आतंकवादी गतिविधियों और घुसपैठ को रोकने में कारगर सिद्ध होगा।
उद्योग में तेजी:
अदानी डिफेंस ने केवल तीन वर्षों में यह सफलता हासिल की है, जबकि पारंपरिक रूप से ऐसी क्षमताएं विकसित करने में पांच से छह साल लगते हैं। इससे भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और निजी क्षेत्र की भागीदारी का उदाहरण मिलता है।
दृष्टि-10 भारत की आधुनिक रक्षा रणनीतियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है, जिससे देश की सुरक्षा और रणनीतिक स्थिरता को मजबूती मिलती है।