आधार और वोटर आईडी (EPIC) को जोड़ने का रास्ता साफ
चुनाव आयोग ने आधार कार्ड और वोटर आईडी (EPIC) को जोड़ने की अनुमति दे दी है। मंगलवार को हुई अहम बैठक में यह फैसला लिया गया, जिससे चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
वोटर आईडी से लिंक होगा आधार कार्ड
चुनाव आयोग और गृह मंत्रालय की मीटिंग में फैसला
वोटर आईडी कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा #VoterID #VoterID #AadhaarCard pic.twitter.com/46G3f6agDg
— One India News (@oneindianewscom) March 18, 2025
फैसले के मुख्य बिंदु
- संविधान के अनुच्छेद 326 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 23(4), 23(5), और 23(6) के तहत यह कदम उठाया जाएगा।
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में गृह मंत्रालय, विधायी विभाग, MEITY, UIDAI और EC के तकनीकी विशेषज्ञों के साथ बैठक हुई।
- UIDAI और चुनाव आयोग के तकनीकी विशेषज्ञ जल्द ही तकनीकी परामर्श शुरू करेंगे।
फर्जी वोटरों की पहचान होगी आसान
- चुनाव आयोग ने हाल ही में डुप्लिकेट वोटर आईडी नंबर वाले मतदाताओं को नए EPIC जारी करने का फैसला लिया था।
- आधार को वोटर आईडी से जोड़ने से मतदाता सूची को साफ करने और फर्जी वोटिंग पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
- इससे एक व्यक्ति के कई जगह वोट डालने की संभावना खत्म होगी और चुनावी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
चुनावी सुधार की दिशा में बड़ा कदम
- आधार कार्ड केवल व्यक्ति की पहचान प्रमाणित करता है, जबकि मतदान का अधिकार केवल भारत के नागरिकों को ही मिलता है।
- सुप्रीम कोर्ट के WP (सिविल) संख्या 177/2023 के फैसले के अनुरूप ही इस योजना को लागू किया जाएगा।
- पहले पैन कार्ड को आधार से जोड़ने का फैसला लिया गया था, अब यह कदम मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करेगा।
आधार और वोटर आईडी को जोड़ने से फर्जी वोटिंग, डुप्लिकेट मतदाता और चुनावी धांधली को रोकने में मदद मिलेगी। यह कदम भारत में चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।