राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक आज से बेंगलुरु में शुरू हुई। बैठक का शुभारंभ सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। इस बैठक में लगभग 1450 प्रतिनिधि उपस्थित हैं।
मुख्य बिंदु:
🔹 मणिपुर में शांति प्रयास: संघ मैतेई और कुकी समुदायों के बीच शांति बहाल करने के लिए कार्यरत है।
🔹 भाषा नीति पर रुख: संघ मातृ भाषा को बढ़ावा देने और उसमें शिक्षा देने का समर्थन करता है, साथ ही अन्य भारतीय भाषाएँ सीखने के लिए भी प्रेरित करता है।
🔹 संघ का विस्तार:
- 83,139 शाखाएँ देशभर में संचालित हो रही हैं।
- पिछले वर्ष की तुलना में 10,000 शाखाओं की वृद्धि हुई है।
- 73,646 स्थानों पर संघ की गतिविधियाँ, जिनमें 51,710 स्थानों पर दैनिक और 21,936 स्थानों पर साप्ताहिक गतिविधियाँ चल रही हैं।
- 30,770 ग्रामीण मंडलों में शाखाएँ संचालित हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3,000 अधिक हैं।
स्वयंसेवकों और नए कार्यकर्ताओं की भागीदारी
✅ 1 करोड़ से अधिक स्वयंसेवक संघ से जुड़े हैं, जिनमें से 6 लाख प्रतिदिन शाखाओं में जाते हैं।
✅ 2,453 स्वयंसेवकों ने दो वर्षों के लिए अपना घर छोड़कर संघ कार्य को समर्पित किया।
✅ 14-25 वर्ष आयु वर्ग में संघ से जुड़ने वालों की संख्या बढ़ रही है।
✅ पिछले वर्ष 4,450 प्रारंभिक वर्गों में 2.23 लाख युवाओं ने भाग लिया।
✅ “Join RSS” पहल के तहत 12 लाख लोग संघ से जुड़े, जिनमें 46,000 महिलाएँ भी शामिल हैं।
संघ का समाज में योगदान
संघ लगातार ग्राम विकास, शिक्षा, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को मजबूत कर रहा है। यह बैठक संघ के आगामी कार्यों और विस्तार योजनाओं को गति देने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।