आरएसएस (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय हसबोले ने मजहबी (धार्मिक) आधार पर आरक्षण को खारिज करते हुए कहा है कि यह संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ है। उन्होंने खासतौर पर यह सवाल उठाया कि जब लोग गंगा-जमुनी तहजीब की बात करते हैं, तो वे औरंगजेब को आइकॉन बनाने की कोशिश क्यों करते हैं? उन्होंने कहा कि दारा शिकोह को याद किया जाना चाहिए, जो भारतीय संस्कृति और सभ्यता के वास्तविक प्रतीक थे।
औरंगजेब पर चल रहे विवाद और उसकी कब्र को लेकर नागपुर में हुई हिंसा के बीच आरएसएस ने साफ कर दिया है कि आक्रांता कभी भी हमारे आदर्श नहीं हो सकते हैं। आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के अनुसार आक्रांताओं जैसी मानसिकता वाले लोग देश के लिए खतरा हैं।होसबाले ने साफ कर दिया कि धर्म के आधार पर आरक्षण बाबा साहब अंबेडकर के संविधान के खिलाफ है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर बनने का आरएसएस के बजाय पूरे समाज की उपलब्धि बताया।
दत्तात्रेय हसबोले का बयान – प्रमुख बिंदु:
- धर्म के आधार पर आरक्षण अस्वीकार्य – उन्होंने साफ कहा कि संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की इजाजत नहीं देता, और इसका पालन हर राज्य सरकार को करना चाहिए।
- गंगा-जमुनी तहजीब का सही संदर्भ – उन्होंने सवाल किया कि जब देश में इस तहजीब की बात होती है, तो लोग दारा शिकोह को नहीं, बल्कि औरंगजेब को याद करते हैं।
- दारा शिकोह की विरासत – उन्होंने कहा कि दारा शिकोह संस्कृत ग्रंथों का फारसी में अनुवाद करने वाले, भारतीय दर्शन और एकता के समर्थक थे। वे एक ऐसे व्यक्तित्व थे, जिन्होंने भारत की मूल संस्कृति को समझने और उसका प्रसार करने का प्रयास किया।
- धार्मिक तुष्टिकरण पर निशाना – हसबोले ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल सिर्फ तुष्टिकरण के आधार पर राजनीति कर रहे हैं, और धार्मिक आधार पर आरक्षण की वकालत कर रहे हैं, जो कि देश के हित में नहीं है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि:
- यह बयान ऐसे समय आया है जब कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने संविधान में बदलाव करके मुस्लिम आरक्षण लागू करने की बात कही थी।
- इससे पहले बीजेपी ने भी कांग्रेस पर मुस्लिम लीग की नीतियों को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया था।
- महाराष्ट्र में औरंगजेब को लेकर कई बार विवाद हुआ है, खासकर औरंगाबाद का नाम बदलकर छत्रपति संभाजीनगर किए जाने के बाद।
#WATCH | Bengaluru, Karnata | General Secretary of RSS, Dattatreya Hosabale, says, "… There have been a lot of incidents in the past. There was an 'Aurangzeb Road' in Delhi, which was renamed Abdul Kalam Road. There was some reason behind it. Aurangzeb's brother, Dara Shikoh,… pic.twitter.com/hHAXzyCZGS
— ANI (@ANI) March 23, 2025
दारा शिकोह बनाम औरंगजेब:
- दारा शिकोह – हिंदू-मुस्लिम एकता के पक्षधर, संस्कृत ग्रंथों के अनुवादक, सूफी दर्शन को मानने वाले।
- औरंगजेब – कट्टरपंथी शासक, जज़िया कर लागू करने वाला, कई मंदिरों के विध्वंस का आरोपी।
RSS का रुख:
RSS पहले से ही धार्मिक आधार पर आरक्षण के खिलाफ रहा है और इस बयान से उसने कर्नाटक के हालिया घटनाक्रम पर अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। इससे यह भी साफ हो गया कि आरएसएस और बीजेपी इस मुद्दे को आगे उठाकर कांग्रेस के मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति को घेरने की योजना बना सकते हैं।